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मेहरा दंपति हत्याकांड : बैंक के लॉकर में रखे थे लूट के गहने
Lucknow
Updated Sat, 27 Apr 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। योग गुरू मोहक शास्त्री ने विपुल खंड-6 में मेहरा दंपती की हत्या करके लूटे लाखों के गहने एक व्यापारी की पत्नी के बैंक लॉकर में रखे थे। नगदी व कुछ माल का हिस्सा बांट करके परिवार समेत मेरठ स्थित मूल निवास चला गया था। पूरे माल के बंटवारे के इरादे से शुक्रवार सुबह बैंक से गहने निकाले थे। एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद योग गुरू मोहक शास्त्री, उसके भाई मयंक, साथी बृजेंद्र व शिवा ने नगदी व कुछ गहनों का सालेहनगर रुचि खंड स्थित शिवा के घर में बंटवारा किया। मोहक ने मोटा माल कुछ दिन सुरक्षित रखने की सलाह दी। साथियों की सहमति पर उसने लाटूश रोड स्थित शिवपुरी निवासी व्यापारी संजय गर्ग की पत्नी ऋतु गर्ग उर्फ बिट्टू से संपर्क किया। वह ऋतु को भी योग सिखाने जाता था। ऋतु को बताया कि कुछ दिनों के लिए परिवार समेत बाहर जा रहा है। इसलिए मां के गहने अपने लॉकर में रखवा दें। योग गुरू के झांसे में आई ऋतु ने पंजाब एंड सिंध बैंक की नाका हिंडोला शाखा स्थित अपने लॉकर में गहने रखवा दिए थे। गहने सुरक्षित रखने के बाद मोहक और मयंक अपने परिवार समेत मेरठ के किठौर थाने के गांव मछरा स्थित मूल निवास रवाना हो गए। बृजेंद्र पाठक भी अपना घर छोड़कर गोंडा के करनैलगंज थाने के गांव फत्तेपुर कुटैहना चला गया। तीनों लोग शिवा के माध्यम से पुलिस की गतिविधियों की जानकारी ले रहे थे। मोहक व मयंक परिवार को पैतृक निवास पहुंचाकर आसिफाबाद में रुके और बीच-बीच में मुजफ्फरनगर के सूकर ताल स्थित अपने पिता के गुरू के आश्रम जाते रहते थे।
ऋतु को सरकारी गवाह बनाएगी पुलिस आईजी सुभाष चंद्र ने बताया कि मोहक शास्त्री ने लूट के गहने सुरक्षित रखने के लिए व्यापारी संजय गर्ग की पत्नी ऋतु के पंजाब एंड सिंध बैंक स्थित लॉकर का इस्तेमाल किया था। उनसे अपनी मां के गहने सुरक्षित रखने की बात कही थी। तहकीकात में ऋतु का कोई कसूर नजर नहीं आया है। उनके लॉकर का इस्तेमाल करने पर पुलिस ऋतु को सरकारी गवाह के रूप में पेश करेगी। इसके साथ बैंक के सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए जा रहे हैं।
ऐसे हुआ खुलासा ः रिश्तेदारों व पड़ोसियों से कई दौर की पूछताछ में पुलिस को पता चला कि एक योगाचार्य अपने बेटे को साथ लेकर लता को योग सिखाने व एक्यूप्रेशर से इलाज करने आते थे। इस बीच सर्विलांस सेल ने 14 अप्रैल दोपहर ढाई से शाम छह बजे तक इलाके में सक्रिय रहे सेलफोन का ब्योरा जुटाया। उनकी गहन छानबीन में दस नंबर संदेह के घेरे में आए। इनमें एक वारदात के बाद से बंद था। दस नंबरों की पड़ताल में मोहक शास्त्री व बृजेंद्र के बारे में जानकारी मिली। दोनों के घर पर ताला लटका देख संदेह पुख्ता होने लगा। आईएमईआई नंबर की मदद से पुलिस ने मोहक, मयंक व बृजेंद्र का लोकेशन ट्रेस करने के साथ गतिविधियों की जानकारी जुटाई। पता चला कि तीनों लोग खूब पैसा खर्च कर रहे हैं और कही छिपाए माल के हिस्सा बांट के लिए शुक्रवार सुबह लखनऊ पहुंच रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने गोमतीनगर व चिनहट पुलिस की मदद से शहीद पथ पर घेराबंदी करके वैगन-आर कार में सवार मोहक, मयंक व बृजेंद्र को पकड़ा। उनसे पूछताछ के बाद शिवा मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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कड़ी सजा दिलाएंगे पुख्ता सबूत ः एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि जघन्य वारदात का भले ही कोई चश्मदीद न हो लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक तरीकों से इतने पुख्ता सबूत जुटाए हैं जो कातिलों को कड़ी सजा दिलाने में मददगार साबित होंगे। लता की मुट्ठी में मिले बाल का मोहक शास्त्री के बालों से परीक्षण कराया जा रहा है। इसके अलावा ग्लास, सेफ व अन्य स्थानों से अंगुलियों की छाप मिली थी। उनका मोहक व बृजेंद्र के अंगुलियों के निशान से मिलान कराया जा रहा है। इसके अलावा सेलफोन का कॉल डिटेल समेत तमाम सबूत हैं।
बच्चों के खेल से टली थी वारदात ः मोहक ने कबूला कि करीब एक महीने पहले हत्या व लूट की योजना बनाई थी। सबसे पहले उसने रुचि खंड का मकान बदलकर ओमेक्स सिटी में ठिकाना बनाया। फिर 31 मार्च को वारदात अंजाम देने के इरादे से विपुल खंड-6 पहुंचे। गली में बच्चों को खेलता देख खतरा महसूस किया और लौट गए। क्योंकि दंपति की चीख पर रंगे हाथ पकड़े जाने का डर था। इसके बाद सात अप्रैल की दोपहर भी आए लेकिन मौका नहीं मिला।
साजिश के बारे में पूछती रही गुंजन ः श्रम प्रवर्तन अधिकारी लता मेहरा व उनके पति राकेश नारायण मेहरा हत्याकांड के खुलासे का पता चलते ही दिल्ली में रह रही इकलौती बेटी गुंजन अपने रिश्तेदारों के साथ फ्लाइट से लखनऊ पहुंची। उसने एसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन से जानकारी की। योग गुरू मोहक शास्त्री व उसके साथियों द्वारा लूट के इरादे से वारदात अंजाम दिए जाने की बात से गुंजन पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई। उसने एसपी ट्रांसगोमती से पूछा कि मम्मी-पापा की हत्या के पीछे कोई और साजिश तो नहीं। पुलिस के इन्कार पर बोली कि कोई रिश्तेदार तो शामिल नहीं था। गुंजन व उसके साथ आए परिवार के अन्य लोगों में संशय देख पुलिस ने मोहक शास्त्री व बृजेंद्र को उनके सामने किया। बरामद गहने भी दिखाए। इस पर गुंजन वारदात के खुलासे को लेकर संतुष्ट हुई।
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ऋतु को सरकारी गवाह बनाएगी पुलिस आईजी सुभाष चंद्र ने बताया कि मोहक शास्त्री ने लूट के गहने सुरक्षित रखने के लिए व्यापारी संजय गर्ग की पत्नी ऋतु के पंजाब एंड सिंध बैंक स्थित लॉकर का इस्तेमाल किया था। उनसे अपनी मां के गहने सुरक्षित रखने की बात कही थी। तहकीकात में ऋतु का कोई कसूर नजर नहीं आया है। उनके लॉकर का इस्तेमाल करने पर पुलिस ऋतु को सरकारी गवाह के रूप में पेश करेगी। इसके साथ बैंक के सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए जा रहे हैं।
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ऐसे हुआ खुलासा ः रिश्तेदारों व पड़ोसियों से कई दौर की पूछताछ में पुलिस को पता चला कि एक योगाचार्य अपने बेटे को साथ लेकर लता को योग सिखाने व एक्यूप्रेशर से इलाज करने आते थे। इस बीच सर्विलांस सेल ने 14 अप्रैल दोपहर ढाई से शाम छह बजे तक इलाके में सक्रिय रहे सेलफोन का ब्योरा जुटाया। उनकी गहन छानबीन में दस नंबर संदेह के घेरे में आए। इनमें एक वारदात के बाद से बंद था। दस नंबरों की पड़ताल में मोहक शास्त्री व बृजेंद्र के बारे में जानकारी मिली। दोनों के घर पर ताला लटका देख संदेह पुख्ता होने लगा। आईएमईआई नंबर की मदद से पुलिस ने मोहक, मयंक व बृजेंद्र का लोकेशन ट्रेस करने के साथ गतिविधियों की जानकारी जुटाई। पता चला कि तीनों लोग खूब पैसा खर्च कर रहे हैं और कही छिपाए माल के हिस्सा बांट के लिए शुक्रवार सुबह लखनऊ पहुंच रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने गोमतीनगर व चिनहट पुलिस की मदद से शहीद पथ पर घेराबंदी करके वैगन-आर कार में सवार मोहक, मयंक व बृजेंद्र को पकड़ा। उनसे पूछताछ के बाद शिवा मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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कड़ी सजा दिलाएंगे पुख्ता सबूत ः एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि जघन्य वारदात का भले ही कोई चश्मदीद न हो लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक तरीकों से इतने पुख्ता सबूत जुटाए हैं जो कातिलों को कड़ी सजा दिलाने में मददगार साबित होंगे। लता की मुट्ठी में मिले बाल का मोहक शास्त्री के बालों से परीक्षण कराया जा रहा है। इसके अलावा ग्लास, सेफ व अन्य स्थानों से अंगुलियों की छाप मिली थी। उनका मोहक व बृजेंद्र के अंगुलियों के निशान से मिलान कराया जा रहा है। इसके अलावा सेलफोन का कॉल डिटेल समेत तमाम सबूत हैं।
बच्चों के खेल से टली थी वारदात ः मोहक ने कबूला कि करीब एक महीने पहले हत्या व लूट की योजना बनाई थी। सबसे पहले उसने रुचि खंड का मकान बदलकर ओमेक्स सिटी में ठिकाना बनाया। फिर 31 मार्च को वारदात अंजाम देने के इरादे से विपुल खंड-6 पहुंचे। गली में बच्चों को खेलता देख खतरा महसूस किया और लौट गए। क्योंकि दंपति की चीख पर रंगे हाथ पकड़े जाने का डर था। इसके बाद सात अप्रैल की दोपहर भी आए लेकिन मौका नहीं मिला।
साजिश के बारे में पूछती रही गुंजन ः श्रम प्रवर्तन अधिकारी लता मेहरा व उनके पति राकेश नारायण मेहरा हत्याकांड के खुलासे का पता चलते ही दिल्ली में रह रही इकलौती बेटी गुंजन अपने रिश्तेदारों के साथ फ्लाइट से लखनऊ पहुंची। उसने एसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन से जानकारी की। योग गुरू मोहक शास्त्री व उसके साथियों द्वारा लूट के इरादे से वारदात अंजाम दिए जाने की बात से गुंजन पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई। उसने एसपी ट्रांसगोमती से पूछा कि मम्मी-पापा की हत्या के पीछे कोई और साजिश तो नहीं। पुलिस के इन्कार पर बोली कि कोई रिश्तेदार तो शामिल नहीं था। गुंजन व उसके साथ आए परिवार के अन्य लोगों में संशय देख पुलिस ने मोहक शास्त्री व बृजेंद्र को उनके सामने किया। बरामद गहने भी दिखाए। इस पर गुंजन वारदात के खुलासे को लेकर संतुष्ट हुई।