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हत्थे चढ़े हथियारों के सौदागर
Lucknow
Updated Sun, 24 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। क्राइम ब्रांच ने अलीगंज क्षेत्र से शुक्रवार देरशाम हथियारों के तीन सौदागरों को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय गिरोह के पर्दाफाश का दावा किया है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि गिरोह मुंगेर में बनी पिस्टलों को मेडइन यूएसए बताकर नेपाल में माओवादियों को सप्लाई करता था। खास बात यह है कि क्राइम ब्रांच व अलीगंज पुलिस ने इस गुडवर्क की एसएसपी तक को भनक नहीं लगने दी। एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि क्राइम ब्रांच के एसआई देवेंद्र कुमार दुबे की टीम ने शुक्रवार शाम 7:30 बजे पुरनिया तिराहा पर घेराबंदी कर श्रावस्ती के गिलौला थाने के ककरा सेमरा निवासी पृथ्वीराज गिरि उर्फ बाबा, थाना मल्हीपुर के गांव परसा डेहरिया निवासी अंकित सिंह व भिनगा थाने के भरथा भेलधरिया निवासी अंगनू यादव को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन पिस्टल बरामद किए हैं। मुंगेर में बने पिस्टलों पर मेडइन यूएसए लिखा है और बनावट भी हूबहू कंपनी में बने पिस्टल जैसी है। हथियारों के सौदागरों के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सरगना पृथ्वीराज गिरि नेपाल के बांके जिले के नाराइनपुर थाना क्षेत्र में रह रहा था। पकड़े गए तीनों व्यक्ति करीब ढाई साल से मुंगेर से पिस्टल लाकर श्रावस्ती, बहराइच व नेपाल में माओवादियों को सप्लाई कर रहे थे। क्राइम ब्रांच का दावा है कि तीनों व्यक्ति मुंगेर से 15 हजार रुपये के हिसाब से खरीदे पिस्टल को 22-25 हजार में बेचते थे। लखनऊ के एक व्यक्ति से पिस्टल का सौदा किया था लेकिन उसके न मिलने पर बहराइच वापस जाने की तैयारी में थे कि पुलिस ने पकड़ लिया। हालांकि अब तक कितने पिस्टल किसे बेचे गए? मुंगेर में किससे असलहे लाते हैं और लखनऊ में किस व्यक्ति से पिस्टल का सौदा किया था? जैसे कई सवालों का जवाब नहीं मिल सका है। उल्लेखनीय है कि माओवादियों को असलहों की सप्लाई करने वाले तीन व्यक्तियों की क्राइम ब्रांच द्वारा अलीगंज क्षेत्र से गिरफ्तारी की भनक लगने पर मीडिया ने देररात एसएसपी से जानकारी चाही तो उन्होंने इन्कार कर दिया। एसपी क्राइम के फोन की घंटी बजती रही, जबकि क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने दबी जुबान से गुडवर्क की पुष्टि करते हुए एटीएस की तरफ इशारा किया था।
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