फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   दामिनी को रंगमंच की एक और श्रद्धांजलि

दामिनी को रंगमंच की एक और श्रद्धांजलि

Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। दिल्ली में दामिनी की घटना ने नगर के युवा रंगकर्मियों को भी झकझोरा है और उसे श्रद्धांजलि देने के लिए नारी शोषण, दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर आधारित नाटकों के मंचन का सिलसिला जारी है। कुछ दिनों पूर्व जोश संस्था के ‘खुदकुशी’ के बाद गुरुवार को सत्यपथ संस्था ने नाटक ‘अब कुछ शेष नहीं’ का मंचन बली प्रेक्षागृह में किया। नाटक के लेखक और निर्देशक मुकेश वर्मा थे। नाटक एक ऐसी लड़की काव्या की कहानी है जो अपनी बहन के साथ हुई घटना का बदला लेती है। उसकी बहन के साथ दुष्कर्म हुआ था और फिर उसकी मौत हो गई थी। लेकिन नाटक में कहानी को अच्छे ढंग से न ही गढ़ा जा सका है और न ही इसकी प्रस्तुति प्रभावी हो सकी है। नतीजा यह होता है कि यह कोई सी ग्रेड की फिल्म जैसी लगती है। नाटक में जगह-जगह दामिनी का जिक्र आता है और यह भी कहा जाता है कि मोमबत्तियां जलाने से कुछ नहीं होगा। हालांकि नाटक जिस प्रकार कानून को हाथ में लेने का आह्वान करता है उसे किसी समाज के लिए उसे उचित नहीं कहा जा सकता। नाटक को कहानी, अभिनय और निर्देशन के स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत दिखती है। नाटक की भूमिकाओं में अर्चना प्रजापति, अर्पित पांडेय, अभिषेक शुक्ल, राहुल यादव एवं सुनील विश्वकर्मा थे।
विज्ञापन

दिया गया नारी गौरव सम्मान ः नाटक ‘अब कुछ शेष नहीं’ के अवसर पर विशिष्ट महिलाओं को उनके योगदान के लिए अनुपमा फाउंडेशन द्वारा नारी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल, समाज सेविका शालिनी माथुर, शिक्षाविद् गीता कुमार एवं निखत खुर्शीद को समारोह में लोहिया चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. एमसी पंत, सेवानिवृत्त आईएएस आरके मित्तल, पूर्व पुलिस महानिदेशक केएल. गुप्त ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed