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जमीन हड़पने से क्षुब्ध युवक ने लगाई फांसी
Lucknow
Updated Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। मड़ियांव के पलटन छावनी टैगोर मेमोरियल स्कूल में बृहस्पतिवार रात जमीन हड़पे जाने से क्षुब्ध युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फंदे से शव उतार कर कब्जे में लिया और जांच शुरू की तो एक सुसाइड नोट मिला। इसमें युवक ने तीन दबंगों पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बीकेटी के सोनवा गांव निवासी रामदेव दीक्षित ने बताया कि उसकी मां शिव कुमारी टैगोर मेमोरियल स्कूल में काम करती है। मां के साथ छोटा भाई आलोक उर्फ बाबू (30) स्कूल परिसर में ही रहता था। सबसे छोटा भाई फतेह बहादुर गांव में रहता है। बीती रात बहन पूजा ने आलोक को खाना लाकर दिया। वह खाना खाकर सोने चला गया। सुबह जब मां स्कूल में सफाई करने गई तो देखा कि आलोक स्कूल के टीनशेड में फंदे से लटका है। जवान बेटे को इस हालत में देखकर मां सदमे में आ गई। किसी तरह उसने इसकी जानकारी स्कूल प्रशासन को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आलोक का शव फंदे से नीचे उतारा और जामा तलाशी कराई। तलाशी में आलोक के पास से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने लिखा था, ‘फू लचंद यादव, रहीस व शक्खू से पैतृक सोनवा गांव स्थित चार बिसवा जमीन बेचने का सौदा तय हुआ था। झांसा देकर तीनों ने जमीन का बैनामा करा लिया। जब मैं उनसे टेढ़ी पुलिया स्थित उनके दफ्तर जाकर पैसे मांगे तो उन लोगों ने खुद को सपा सुप्रीमो का खास बताते हुए धमकाया और कहा कि घर से उठा लाऊंगा और गोली मारकर इंदिरानहर में फेंक दूंगा। इसके बाद मैं उनके दर से लौट आया। तीनों से परेशान होकर मैं अपनी जान देने जा रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार फू लचंद यादव, रहीस व शक्खू हैं।’ सुसाइड नोट में आलोक ने तीनों आरोपियों के सेलफोन नंबर व जमीन खसरा संख्या 195, रजिस्ट्री की तारीख 5 जुलाई 2012 भी लिखी है। पुलिस सुसाइड नोट कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है।
बीमारी में मदद कर फंसाया जाल में ः रामदेव की मानें तो जालसाज फूलचंद ने भाई की बीमारी में 4500 रुपए की मदद कर उसे अपने जाल में फंसाया था। दरअसल, आलोक के हिस्से में बीकेटी के सोनवा गांव में 4 बीघे जमीन है। इसकी कीमत इस समय दो करोड़ रुपए आंकी जा रही है। जमीन पर दबंग फूलचंद और उसके साथी रहीस व शक्खू की निगाह पड़ गई। इसके बाद फूलचंद ने आलोक से दोस्ती बनाई और बीमारी में रुपयों से मदद कर विश्वास जमा लिया। उसके ठीक होने पर झांसा देकर कचहरी ले गए और धोखे से कागजात पर अंगूठा लगवाकर चार बिसवा जमीन का बैनामा करा लिया। कचहरी में पड़ताल के बाद हकीकत पता चली तो आलोक ने फूलचंद के दफ्तर जाकर चार बिसवा के 25 लाख रुपए मांगे। वहां फूलचंद व उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी दी।
आरोपियों को मिले सजा ः नौजवान बेटे की मौत ने मां को बुरी तरह तोड़कर रख दिया है। रो-रोकर उसका बुरा हाल है। घर में कोहराम मचा है। भाई रामदेव का कहना है कि आलोक ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। उसने आरोपियों को सजा देने की मांग की। रामदेव राजगीर का काम करता है और जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-4 स्थित जल संस्थान के ट्यूवेल में अपने साथी मजदूरों के साथ रहता है।
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बीमारी में मदद कर फंसाया जाल में ः रामदेव की मानें तो जालसाज फूलचंद ने भाई की बीमारी में 4500 रुपए की मदद कर उसे अपने जाल में फंसाया था। दरअसल, आलोक के हिस्से में बीकेटी के सोनवा गांव में 4 बीघे जमीन है। इसकी कीमत इस समय दो करोड़ रुपए आंकी जा रही है। जमीन पर दबंग फूलचंद और उसके साथी रहीस व शक्खू की निगाह पड़ गई। इसके बाद फूलचंद ने आलोक से दोस्ती बनाई और बीमारी में रुपयों से मदद कर विश्वास जमा लिया। उसके ठीक होने पर झांसा देकर कचहरी ले गए और धोखे से कागजात पर अंगूठा लगवाकर चार बिसवा जमीन का बैनामा करा लिया। कचहरी में पड़ताल के बाद हकीकत पता चली तो आलोक ने फूलचंद के दफ्तर जाकर चार बिसवा के 25 लाख रुपए मांगे। वहां फूलचंद व उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी दी।
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आरोपियों को मिले सजा ः नौजवान बेटे की मौत ने मां को बुरी तरह तोड़कर रख दिया है। रो-रोकर उसका बुरा हाल है। घर में कोहराम मचा है। भाई रामदेव का कहना है कि आलोक ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। उसने आरोपियों को सजा देने की मांग की। रामदेव राजगीर का काम करता है और जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-4 स्थित जल संस्थान के ट्यूवेल में अपने साथी मजदूरों के साथ रहता है।
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