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फिल्म का बुनियादी काम तो है मनोरंजन

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Lucknow
Lucknow Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। भले ही प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आमिर खान अपनी फिल्म और गैर फिल्मी भूमिका में सामाजिक योगदान के लिए बेचैन दिखते हों लेकिन वे भी मानते हैं कि फिल्मों की बुनियादी जिम्मेदारी मनोरंजन ही है और हिन्दी फिल्में इस काम को बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म अभिनेता या फिल्मकार के तौर पर ही नहीं बल्कि एक दर्शक के तौर पर भी मुझे कभी नहीं लगता कि फिल्मों क े लिए शिक्षा देना या सामाजिक भूमिका निभाना जरूरी है, इसके लिए तो कक्षाएं हैं लेकिन अगर मनोरंजन के साथ वे कोई सामाजिक योगदान करती है, जिसके लिए मैं प्रयासरत रहता हूं, तो ये अच्छी बात है।
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आमिर खान शुक्रवार को लखनऊ में थे। 30 नवम्बर को प्रदर्शित होने वाली अपनी फिल्म ‘तलाश’ के प्रचार के सिलसिले में निर्माता रितेश सिधवानी और निर्देशिका रीमा काग्ती के साथ आमिर वर्षों बाद लखनऊ आये थे। हालांकि उनके पिता ताहिर हुसैन निकट के हरदोई के ही रहने वाले थे। उन्होंने यह भी कहा कि मैं अवार्ड के लिए फिल्में नहीं बनाता हूं बल्कि दर्शकों के लिए बनाता हूं। उन्होंने कहा कि दर्शक मुझे पुरस्कार देते हैं तो अच्छा लगता है। आमिर ने कहा कि मुझे फिल्मों में काम करते हुए 24 साल हो गये हैं और जब हिन्दी सिनेमा अपने सौ वर्ष मना रहा है तो मेरा योगदान भी 25 वर्षों का हो चला है।
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फिल्म के बारे में आमिर ने बताया कि यह फिल्म सस्पेंस ड्रामा है लेकिन रोमांचक होने के साथ ही इसकी कहानी जज्बाती भी है। नये कलाकारों के बारे में उन्होंने कहा कि वे बहुत प्रतिभाशाली हैं और कई बार मुझे उनसे सीखने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मैंने बर्फी देखी और मुझे रणवीर का अभिनय बहुत पसन्द आया। उन्होंने दोहराया कि वह महाभारत बनाना चाहते हैं लेकिन यह काफी मुश्किल भरा काम होगा। उन्होंने कहा कि मैं कर्ण की भूमिका करना चाहूंगा लेकिन मेरे विचार से यह किसी छह फुट चार इंच के अभिनेता को मिलनी चाहिए।
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बन्द होनी चाहिए पिकनिक
‘तलाश’ फिल्म में परिवार के किसी सदस्य के खोने की घटना की चर्चा करते हुए आमिर खान ने कहा कि मैं अपने परिवार को लेकर बहुत चिन्तित रहता हूं। घर से आयी मिस्ड काल देखकर परेशान हो जाते हूं। बच्चे पिकनिक पर जाते हैं तो उनके बारे में सोचता रहता हूं। आमिर ने हंसते हुए कहा कि मेरे विचार से तो बच्चों की पिकनिक तो बन्द ही कर दी जानी चाहिए।
करीना सैफ के साथ हैं व्यस्त
करीना कपूर के लखनऊ में होने के बावजूद फिल्म के प्रचार में भाग न लेने की बाबत पूछे गये सवाल पर आमिर ने कहा कि करीना अपने पति सैफ के साथ व्यस्त हैं और ऐसे में मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहता लेकिन वे जल्द ही प्रचार में भाग लेंगी। गौरतलब है कि फिल्म में करीना कपूर और रानी मुखर्जी अभिनेत्री हैं। करीना इन दिनों लखनऊ में हैं और ‘बुलेट राजा’ की शूटिंग में भाग ले रहे अपने पति सैफ अली खान का सहयोग कर रही हैं।

पिछली बार पतंग खूब उड़ायी
आमिर खान ने बताया कि वह दूसरी बार लखनऊ आये हैं। पिछली बार जब वह लखनऊ आये थे तो उनकी उम्र महज 17-18 वर्ष थी। वह अपने चाचा नासिर हुसैन के साथ आये थे। उन्होंने कहा कि मुझसे किसी ने कहा कि तुम तो मुम्बई के हो, पतंग नहीं उड़ा पाओगे जिस पर मैंने खूब पतंग उड़ायी और 17 पेंच काटे थे। उन्होंने कहा कि मुझे लखनऊ के लोगों का बोलने का अन्दाज बहुत पसन्द है। उन्होंने कहा कि मैं यहां टुण्डे कबाब भी खाऊंगा।
हमारी फिल्म यथार्थवादी
यह पूछे जाने पर कि उनका पुलिस का चरित्र चुलबुल पाण्डेय या राऊडी राठौर से किस तरह भिन्न है, आमिर खान ने कहा कि हमारी फिल्म यथार्थवादी है।
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