{"_id":"124-47312","slug":"Lucknow-47312-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिनहट से लापता मासूम की कुएं में मिली लाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिनहट से लापता मासूम की कुएं में मिली लाश
Lucknow
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। घर के सामने खेलते समय बृहस्पतिवार दोपहर चिनहट इलाके से लापता मासूम सिद्धार्थ संदिग्ध हालात में मृत मिला। परिजनों की तलाश के दौरान 23 घंटे बाद उसका शव घर के नजदीक कुएं से बरामद हुआ। उन्हें सिद्धार्थ की हत्या कर शव कुएं में फेंके जाने की आशंका है। मोहल्ले के कुछ लोगों पर शक भी जताया लेकिन पुलिस का कहना है कि बच्चे की मौत कुएं में डूबने से हुई है।
पांच वर्षीय सिद्धार्थ चिनहट के गोयला गांव निवासी विनोद कुमार कुमार रैदास का बेटा था। पेशे से ठेकेदार विनोद का बेटा बृहस्पतिवार दोपहर लापता हो गया था। मोहल्ले के नूर कान्वेंट में नर्सरी का छात्र सिद्धार्थ स्कूल से आने के बाद घर के सामने मोहल्ले के बच्चों के साथ खेल रहा था। काफी देर तक वापस न आने पर उसकी मां सुशीला ने बाहर देखा तो सिद्धार्थ का पता नहीं चला। आसपास भी बेटा नहीं मिला तो सुशीला ने पति विनोद को सूचना दी। परिजनों ने शाम तक मोहल्ले के साथ पूरे इलाके में खोजा। समय के साथ उनकी चिंता बढ़ने लगी। सूचना मिलने पर कई रिश्तेदार व परिचित भी आ गए। विनोद के साथ भाई अजय व गांव के दीपू, रामदास, कालीचरण, दीपक, राजाराम, गणेशी प्रसाद आदि ने टोलियां बनाकर गहनता से छानबीन शुरू की। सिद्धार्थ का फोटो लेकर आसपास के मोहल्लों में माइक से उद्घोषणा की कराई लेकिन मासूम नहीं मिल पाया। अंतत: चिनहट पुलिस को सूचना दी।
बिना खाए-पिए मासूम की तलाश में परिजनों की रात गुजर गई। शक की बिना पर लोगों ने गांव के कुओं में तलाश करने की सलाह दी। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे विनोद के घर के सामने वाले कुएं के पानी में मासूम को खोजने के लिए रस्सी में बंधा लोहे का कांटा डाला गया। कुछ देर बाद कांटे में वजह बढ़ने पर उसमें कुछ फंसने का आभास हुआ। रस्सी खींची गई तो विनोद व परिवार के दूसरे लोगों की चीख निकल पड़ी क्योंकि कांटे में फंसी मासूम की लाश बाहर निकाली जा रही थी। चेहरे पर चोट का निशान और एक पैर में रस्सी बंधी थी। इस सूचना पर गोयला पहुंची पुलिस का मानना था मासूम खेलते समय कुएं में गिर गया होगा। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। एसएसपी प्रवक्ता ओपी पाठक के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर चिनहट का कहना है कि बच्चे की मौत कुएं के पानी में डूबने हुई है।
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बुझ गया घर का चिराग
सिद्धार्थ अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से विनोद के घर का सुराग बुझ गया। छोटे स्तर पर ठेकेदारी करने वाले विनोद की दो संतान में सिद्धार्थ छोटा था। उससे बड़ी बेटी मुस्कान है। आठ वर्षीय मुस्कान तकरोही स्थित लखनऊ माडल स्कूल में कक्षा-तीन की छात्रा है। सिद्धार्थ का इसी सत्र में स्कूल में दाखिला हुआ था।
गुमशुदगी दर्ज कर बैठ गई पुलिस
अपने स्तर से हर संभावित स्थान पर तलाश करने के बाद बृहस्पतिवार शाम विनोद ने बेटे के लापता होने की सूचना चिनहट पुलिस को दी। पुलिस ने गुमशुदगी तो दर्ज कर ली लेकिन मासूम की तलाश का काम परिजनों पर ही छोड़ दिया। चिनहट पुलिस ने सुबह तक कोई खबर नहीं ली। दोपहर में शव मिलने की सूचना पर अपट्रान चौकी प्रभारी गोयला पहुंचे। परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बावजूद इंस्पेक्टर चिनहट ने छानबीन में कोई रुचि नहीं दिखाई।
परिजनों को पड़ोसी पर संदेह
परिजनों ने सिद्धार्थ की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उन्हें पड़ोसी संतराम पर संदेह भी जताया। विनोद के मुताबिक उनके छोटे भाई आलोक से गत 9 नवंबर को पड़ोसी संतराम के बेटे पिंटू से मामूली बात पर विवाद हो गया था। उस दौरान पिंटू ने आलोक पर चाकू से हमला कर दिया। पेट में चाकू लगने से आलोक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे परिजनों ने गोमतीनगर के नोवा फोर्ड अस्पताल में भर्ती करा इलाज करा। इस घटना को लेकर दोनों परिवार के बीच रंजिश के हालात बन गए।
10 हजार रुपये लेकर पुलिस ने कराया था समझौता
आलोक पर हुए गंभीर हमले की लिखित शिकायत के बावजूद चिनहट पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी थी। विनोद के एक अन्य भाई अजय के मुताबिक इंस्पेक्टर चिनहट विजयमल यादव ने रिपोर्ट न लिखकर गत 22 नवंबर को दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह-समझौता करवा दिया। समझौते के तहत पिंटू के भाई संतराम ने 40 हजार रुपए दिए। उसमें 30 हजार रुपए पुलिस ने रिपोर्ट न लिखाने और इलाज कराने केलिए आलोक पक्ष को दिए और 10 हजार रुपये पुलिस ने समझौता कराने के एवज में अपनी जेब में रख लिए।
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पांच वर्षीय सिद्धार्थ चिनहट के गोयला गांव निवासी विनोद कुमार कुमार रैदास का बेटा था। पेशे से ठेकेदार विनोद का बेटा बृहस्पतिवार दोपहर लापता हो गया था। मोहल्ले के नूर कान्वेंट में नर्सरी का छात्र सिद्धार्थ स्कूल से आने के बाद घर के सामने मोहल्ले के बच्चों के साथ खेल रहा था। काफी देर तक वापस न आने पर उसकी मां सुशीला ने बाहर देखा तो सिद्धार्थ का पता नहीं चला। आसपास भी बेटा नहीं मिला तो सुशीला ने पति विनोद को सूचना दी। परिजनों ने शाम तक मोहल्ले के साथ पूरे इलाके में खोजा। समय के साथ उनकी चिंता बढ़ने लगी। सूचना मिलने पर कई रिश्तेदार व परिचित भी आ गए। विनोद के साथ भाई अजय व गांव के दीपू, रामदास, कालीचरण, दीपक, राजाराम, गणेशी प्रसाद आदि ने टोलियां बनाकर गहनता से छानबीन शुरू की। सिद्धार्थ का फोटो लेकर आसपास के मोहल्लों में माइक से उद्घोषणा की कराई लेकिन मासूम नहीं मिल पाया। अंतत: चिनहट पुलिस को सूचना दी।
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बिना खाए-पिए मासूम की तलाश में परिजनों की रात गुजर गई। शक की बिना पर लोगों ने गांव के कुओं में तलाश करने की सलाह दी। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे विनोद के घर के सामने वाले कुएं के पानी में मासूम को खोजने के लिए रस्सी में बंधा लोहे का कांटा डाला गया। कुछ देर बाद कांटे में वजह बढ़ने पर उसमें कुछ फंसने का आभास हुआ। रस्सी खींची गई तो विनोद व परिवार के दूसरे लोगों की चीख निकल पड़ी क्योंकि कांटे में फंसी मासूम की लाश बाहर निकाली जा रही थी। चेहरे पर चोट का निशान और एक पैर में रस्सी बंधी थी। इस सूचना पर गोयला पहुंची पुलिस का मानना था मासूम खेलते समय कुएं में गिर गया होगा। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। एसएसपी प्रवक्ता ओपी पाठक के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर चिनहट का कहना है कि बच्चे की मौत कुएं के पानी में डूबने हुई है।
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बुझ गया घर का चिराग
सिद्धार्थ अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से विनोद के घर का सुराग बुझ गया। छोटे स्तर पर ठेकेदारी करने वाले विनोद की दो संतान में सिद्धार्थ छोटा था। उससे बड़ी बेटी मुस्कान है। आठ वर्षीय मुस्कान तकरोही स्थित लखनऊ माडल स्कूल में कक्षा-तीन की छात्रा है। सिद्धार्थ का इसी सत्र में स्कूल में दाखिला हुआ था।
गुमशुदगी दर्ज कर बैठ गई पुलिस
अपने स्तर से हर संभावित स्थान पर तलाश करने के बाद बृहस्पतिवार शाम विनोद ने बेटे के लापता होने की सूचना चिनहट पुलिस को दी। पुलिस ने गुमशुदगी तो दर्ज कर ली लेकिन मासूम की तलाश का काम परिजनों पर ही छोड़ दिया। चिनहट पुलिस ने सुबह तक कोई खबर नहीं ली। दोपहर में शव मिलने की सूचना पर अपट्रान चौकी प्रभारी गोयला पहुंचे। परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बावजूद इंस्पेक्टर चिनहट ने छानबीन में कोई रुचि नहीं दिखाई।
परिजनों को पड़ोसी पर संदेह
परिजनों ने सिद्धार्थ की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उन्हें पड़ोसी संतराम पर संदेह भी जताया। विनोद के मुताबिक उनके छोटे भाई आलोक से गत 9 नवंबर को पड़ोसी संतराम के बेटे पिंटू से मामूली बात पर विवाद हो गया था। उस दौरान पिंटू ने आलोक पर चाकू से हमला कर दिया। पेट में चाकू लगने से आलोक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे परिजनों ने गोमतीनगर के नोवा फोर्ड अस्पताल में भर्ती करा इलाज करा। इस घटना को लेकर दोनों परिवार के बीच रंजिश के हालात बन गए।
10 हजार रुपये लेकर पुलिस ने कराया था समझौता
आलोक पर हुए गंभीर हमले की लिखित शिकायत के बावजूद चिनहट पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी थी। विनोद के एक अन्य भाई अजय के मुताबिक इंस्पेक्टर चिनहट विजयमल यादव ने रिपोर्ट न लिखकर गत 22 नवंबर को दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह-समझौता करवा दिया। समझौते के तहत पिंटू के भाई संतराम ने 40 हजार रुपए दिए। उसमें 30 हजार रुपए पुलिस ने रिपोर्ट न लिखाने और इलाज कराने केलिए आलोक पक्ष को दिए और 10 हजार रुपये पुलिस ने समझौता कराने के एवज में अपनी जेब में रख लिए।