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टावर पर चढ़े सफाई कर्मी
Lucknow
Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। पीएफ कटौती का हिसाब न दिए जाने से नाराज दो सफाई कर्मी गुरुवार को रेलवे के माइक्रोवेव टावर पर चढ़ गए। इससे पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन स्थित टावर के पास भीड़ इकट्ठी हो गई और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) व रेलवे अफसरों में अफरा-तफरी मची रही। करीब ढाई घंटे बाद लिखित आश्वासन मिलने पर दोनों सफाईकर्मी टावर से उतरे। सफाईकर्मियों का कहना था कि एक निजी कंपनी पिछले करीब दो साल से पीएफ में जमा करने के नाम पर उनके वेतन से प्रतिमाह 350 रुपये काट रही है, लेकिन कोई रसीद या हिसाब नहीं दे रही। कंपनी का ठेका दो माह बाद खत्म हो रहा है। सफाई कर्मियों ने कंपनी के सुपरवाइजर संदीप चौहान से कई बार पीएफ कटौती का ब्यौरा मांगा, लेकिन वह मामले को आज-कल पर टालता रहा। सफाईकर्मी सनी वर्मा व मुकेश कनौजिया ने गुरुवार सुबह 10 बजे एक बार फिर सुपरवाइजर के सामने अपनी मांग रखी। कोई सकारात्मक जवाब न मिलने से नाराज होकर दोनों रेलवे सिग्नल के लिए इस्तेमाल होने वाले माइक्रोवेव टावर पर चढ़ गए। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे लिखित आश्वासन मिलने के बाद वे टावर से उतरे। जीआरपी चौकी इंचार्ज एनईआर मोहम्मद इरशाद त्यागी ने बताया कि दोनों सफाई कर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, क्लीन ट्रेन एट स्टेशन स्कीम के तहत लंबी दूरी की ट्रेनों की सफाई का ठेका ए टू जेड कंपनी को दिया गया था। इस कंपनी में सौ से अधिक सफाई कर्मचारी दो पाली में नौकरी करते हैं। सफाई कर्मियों का कहना है कि उनसे बारह घंटे काम लेकर 3,674 रुपये दिये जाते हैं। जिन सफाई कर्मियों को एक साल से अधिक हो गए हैं, उन्हें 3,974 रुपये मिलते हैं। सफाईकर्मियों को मिलने वाले कुल भुगतान में से कंपनी प्रतिमाह पीएफ में जमा करने के नाम पर 350 रुपये काट लेती है। सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि पिछले बाईस महीनों से की गई पीएफ कटौती की रसीद और हिसाब मांगने पर सुपरवाइजर टाल-मटोल कर रहा था।
रेलवे ने नहीं लिया सबक ः पिछले महीने भी गांवों में व्याप्त समस्याओं और बेरोजगारी से परेशान एक युवक टावर पर चढ़ गया था। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने टावर की बाउंड्री वॉल काफी ऊंची करवाने की बात कही थी ताकि भविष्य में कोई टावर पर ने चढ़ सके, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम विनोद कुमार यादव कहते हैं कि रेलवे इस मसले पर गंभीर है। जल्द ही बाउंड्री वॉल ऊंची करवाई जाएगी। तब तक निगरानी के लिए आरपीएफ को तैनात किया जाएगा।
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रेलवे ने नहीं लिया सबक ः पिछले महीने भी गांवों में व्याप्त समस्याओं और बेरोजगारी से परेशान एक युवक टावर पर चढ़ गया था। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने टावर की बाउंड्री वॉल काफी ऊंची करवाने की बात कही थी ताकि भविष्य में कोई टावर पर ने चढ़ सके, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम विनोद कुमार यादव कहते हैं कि रेलवे इस मसले पर गंभीर है। जल्द ही बाउंड्री वॉल ऊंची करवाई जाएगी। तब तक निगरानी के लिए आरपीएफ को तैनात किया जाएगा।
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