12 भैंसों की काट ली पूंछ, लगाई घरों में आग, चलाई गोलियां
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नवाबगंज के कछार में भैंस चराने के विवाद ने बृहस्पतिवार दोपहर फसाद का रूप ले लिया। मामूली विवाद के बाद मुबारकपुर गांव से घोड़ों पर सवार होकर पहुंचे तीन दर्जन से अधिक लोगों ने नरहा गांव के महाराजपुर और बुड्ढू का पुरवा मजरे पर धावा बोल दिया और सैकड़ों राउंड फायरिंग की।
सहमे लोग गांव छोड़कर भाग गए तो मुबारकपुर के लोगों ने खाली घरों और जानवरों पर गुस्सा निकाला। लोगों ने आधा दर्जन घरों को आग के हवाले कर दिया और एक दर्जन से अधिक गाय, भैंस की पूंछ काट डाली। बलवाइयों ने अकेली बुजुर्ग महिला कोभी नहीं बख्शा। उनको भी पीटकर अधमरा कर दिया गया। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने की वजह से क्षेत्र में फोर्स तैनात कर दी गई है। ग्रामीणों ने प्रधान के पति सूफियान समेत 10 को नामजद किया है।
पहले रोका और फिर पीटा
झगड़ा दोपहर में शुरू हुआ। नरहा गांव के महाराजपुर और बुड्ढू पुरवा के रामनारायण उर्फ मुखिया यादव तथा शंकरलाल जानवरों को चराते हुए मुबारकपुर के कछार तक पहुंच गए। आरोप है कि वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने दोनों को इस पर रोका और बुरी तरह पीटा। दोनों ने जान बचाने के लिए लाठी चलाई लेकिन यह काम नहीं आया।
दोनों जान बचाकर गांव पहुंचे और लोगों को इसकी जानकारी दी। दोनों मरहमपट्टी भी नहीं करा सके थे कि गांव के बाहर से गोलियों की आवाज आने लगीं। ग्रामीणों के मुताबिक घोड़ों से दो दर्जन लोग गांव की ओर आते दिखे। फायरिंग सुनकर पूरा गांव खाली हो गया। दोनों मजरों में देखते ही देखते सन्नाटा पसर गया।
घोड़े पर सवार लोगों ने घरों में ताला लटकता देखा तो शंकरलाल, रामनारायण, शिवकली, हरिलाल पटेल, राधेश्याम समेत आधा दर्जन के घरों को आग के हवाले कर दिया। गांव में अकेली महिला दुखमही बची थी। उसे जख्मी करने के बाद लोगों ने जानवरों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया। एक दर्जन जानवरों की पूंछ काट ली गई। दो भैंस के पैर भी काट डाले गए। कच्चे घरों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
आसपास के थानों की पुलिस बुलाई
कुछ लोग भागकर नवाबगंज थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। मामला गंभीर होने की वजह से आसपास के थानों की फोर्स भी बुला ली गई। रामनारायण ने मुबारक की प्रधान के पति सुफियान, बब्लू, साहेब, आलम, रईस, महमूद समेत 10 को नामजद किया गया है।
तीन व्यक्ति गुड्डू नाम के हैं। आरोप है कि लोगों को सुफियान लेकर आया था। साथ में आए लोगों की पहचान नहीं हो सकी है। जब पुलिस गांव में पहुंच गई तब भी ग्रामीण लौटने की हिम्मत नहीं जुटा सके। रात में कुछ घरों में महिलाएं और बच्चे वापस लौट आए। तनाव के मद्देनजर फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।