Google Doodle: आज से शुरू हो रहा चेस का महाकुंभ, गूगल ने बनाया शानदार डूडल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Mon, 25 Nov 2024 10:00 AM IST
सार

Google Doodle: गूगल ने अपने आज के डूडल के जरिए शतरंज के उस एतिहासिक और रणनीतिक खेल का जश्न मनाया है, जो 64 काले और सफेद खानों वाली एक बोर्ड पर खेला जाता है। शतरंज का यह खेल छठी शताब्दी में भारत में शुरू हुआ था और अपने जटिल चालों और समृद्ध इतिहास के लिए प्रसिद्ध है।

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World Chess Championship Google Doodle celebrates Chess games history, global championships
Google Doodle - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    आज यानी 25 नवंबर से विश्व शतरंज चैंपियनशिप 2024 (World Chess Championship 2024) की शुरुआत हो रही है जो कि 15 दिसंबर 2024 तक चलेगा। इस खास मौके पर गूगल ने शानदार डूडल भी बनाया है। गूगल ने अपने आज के डूडल के जरिए शतरंज के उस एतिहासिक और रणनीतिक खेल का जश्न मनाया है, जो 64 काले और सफेद खानों वाली एक बोर्ड पर खेला जाता है।

    शतरंज का यह खेल छठी शताब्दी में भारत में शुरू हुआ था और अपने जटिल चालों और समृद्ध इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। इसकी नियमावली 15वीं शताब्दी तक काफी विकसित हो गई, जिसके बाद 1851 में पहला अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित हुआ। तब से शतरंज लगातार विकसित होता रहा है, और इसमें स्पीड शतरंज और टाइम मैच जैसे नए वेरिएशन जुड़े हैं, जो इस क्लासिक खेल को और भी रोमांचक बनाते हैं।

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    विश्व शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन

    यह उत्सव शतरंज प्रेमियों के लिए खास है क्योंकि इस नवंबर और दिसंबर में सिंगापुर में विश्व शतरंज चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। चैंपियनशिप में 14 क्लासिकल गेम्स शामिल होंगे, जिनमें से प्रत्येक गेम चार घंटे से अधिक समय तक चल सकता है। 7.5 अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विजेता बनेगा। यदि स्कोर बराबर होता है, तो तेज़ रैपिड और ब्लिट्ज गेम्स के जरिए विजेता का फैसला किया जाएगा। इन रोमांचक मैचों में प्रत्येक खिलाड़ी को केवल तीन मिनट में अपनी चालें चलनी होंगी।

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    गूगल डूडल की खास पेशकश

    गूगल ने शतरंज को लेकर एक मजेदार संदेश साझा किया: "1. e4। सही है, शतरंज का समय आ गया है!" डूडल में बताया गया, "शतरंज दो खिलाड़ियों का खेल है, जिसमें रणनीति सबसे महत्वपूर्ण होती है। यह खेल छठी शताब्दी से भारत में खेला जा रहा है और 15वीं शताब्दी तक इसके नियम आधुनिक रूप लेने लगे थे। पहला अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट 1851 में हुआ था। इसके बाद, समय और स्पीड शतरंज जैसे नए फॉर्मेट आए, जहां खिलाड़ी अपनी तेज चालों से विरोधी को चौंका सकते हैं।"

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