आखिर सरकार ने E-Cigarette पर क्यों लगाया प्रतिबंध, यहां जानें पूरा मामला

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Thu, 19 Sep 2019 11:50 AM IST
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Why Government Banned E-Cigarette Know About It
E Cigarette - फोटो : Gulshankumar Wankar / Twiiter

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार (18 सितंबर) को हुई कैबिनट बैठक में ई-सिगरेट (E-Cigarette) पर बैन लगाने का फैसला लिया है। साथ ही सरकार ने ई-सिगरेट की सेल, उत्पादन, एक्सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, इंपोर्ट, स्टोरेज और विज्ञापन पर भी रोक लगाई है। वहीं, लोगों में ई-सिगरेट को लेकर भ्रम है कि इसका उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है।

    लेकिन रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि यह प्रोडक्ट तंबाकू और सिगरेट से ज्यादा हानिकारक है। ई-सिगरेट लोगों के स्वास्थ्य को भी बहुत नुकसान पहुंचाती हैं। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों मोदी सरकार ने ई-सिगरेट और इसके उत्पादन पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही ई-सिगरेट कैसे हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है। तो चलिए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब....

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    ई-सिगरेट को लेकर आईसीएमआर ने रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, ई-सिगरेट लोगों के डीएनए को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं। इसके साथ ही लोगों को ब्रीथ, फेफड़े समेत हार्ट की गंभीर बीमारियां होती हैं। वहीं, जो महिलाएं ई-सिगरेट या ई-हुक्के का सेवन करती हैं, उनको प्रेगनेंसी से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी तरफ विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से लोग तंबाकू का सेवन करने लगेंगे। इस वजह से सरकार ने इस तरह के प्रोडक्ट्स पर बैन लगा दिया है।

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    सबसे पहले जानना होगा कि ई-सिगरेट क्या होती है। ई-सिगरेट एक खास प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट है, जिसको बैटरी के जरिए चलाया जाता है। लोग इस डिवाइस के माध्यम से बिना तंबाकू के पदार्थों को इनहेल (Inhale) करते हैं। इस गैजेट को साधारण सिगरेट और तंबाकू के बदले इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, ये डिवाइस अपने उपभोक्ताओं को तंबाकू और ई-सिगरेट के स्वाद जैसा महसूस कराते हैं। इस गैजेट का आकार और रूप असली सिगरेट की तरह होता है।

    2003 में चीनी फार्मासिस्ट होन लिक ने इसे बनाया था, जिसके बाद चीन की ही कंपनी गोल्डन ड्रैगन ने बाकी देशों में इसकी बिक्री शुरू कर दी। भारत में ई-सिगरेट नाथुला-पास, नेपाल समेत अन्य व्यापारिक रुटों से आया। बाद में भारतीय कारोबारी इसे चीन से आयात भी करने लगे। ग्रे मार्केट से इसकी बड़े पैमाने पर आपूर्ति होती है। वहीं अब ई-हुक्का भी बाजार में है और हुक्के का इस्तेमाल करने वालों को गुड़गुड़ाट के साथ हुक्का पीने का भी एहसास होता है।

    बता दें कि मोदी सरकार ने ई-सिगरेट पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। इसके साथ ही नियमों में भी सख्ती की हैं। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर एक लाख के जुर्माने के साथ एक साल की जेल होगी। वहीं, व्यक्ति दोबारा नियमों को तोड़ता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।

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