मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी से जुड़ीं काम की बातें, आपके लिए हैं जरूरी

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 23 Feb 2021 05:55 PM IST
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What is Mobile Number Portability Read Telecom Regulatory Authority of India notes about MNP
Mobile Number Portability - फोटो : amarujala

    मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) की सेवा काफी पहले से है लेकिन इसकी जानकारी बहुत ही कम लोगों को है। एमएनपी सुविधा के जरिए लोग अपने मोबाइल ऑपरेटर को बदलकर दूसरे ऑपरेटर की सेवाएं लेते हैं। आज की इस रिपोर्ट में हम आपको मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के बारे में वो सबकुछ बताएंगे जिनके बारे में जानकारी होना आपके लिए जरूरी है।

    1. मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी क्या है?

    • मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी एक सुविधा है जो एक दूरसंचार सेवा उपयोगकर्ता को एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर को भौगोलिक क्षेत्र (जैसे दिल्ली से मुंबई) के बावजूद स्थानांतरित करने की अनुमति देती है। यदि कोई ग्राहक अपने वर्तमान ऑपरेटर की सेवाओं से संतुष्ट नहीं है, तो वह अपना मोबाइल नंबर अपनी पसंद के किसी अन्य सेवा प्रदाता (जियो, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल) के पास भेज सकता है।

    2. यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) प्राप्त करने के लिए पात्रता क्या है?

    • मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए एक यूनिक पोर्टिंग कोड की जरूरत होती है। इस कोड के जरिए ही आपका नंबर दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट होगा। एमएनपी के लिए कुछ शर्ते भी हैं। यदि आप वर्तमान ऑपरेटर के नेटवर्क में 90 दिनों से एक्टिव नहीं हैं तो आपका अपने नंबर को पोर्ट नहीं करा सकते यानी कम-से-कम 90 दिन पुराने नंबर को ही पोर्ट किया जा सकता है।

    3. मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए क्या प्रक्रिया है?

    • यदि आप अपने मौजूदा ऑपरेटर से खुश नहीं हैं तो आप 'PORT' लिखकर 1900 पर मैसेज भेज दें। इसके बाद आपको नंबर पर एक यूपीसी कोड मैसेज के रूप में आएगा। इसके बाद आप किसी भी नजदीकी टेलीकॉम दुकान पर जाकर पहचान पत्र और फोटो देकर नई कंपनी का सिम कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। 3-5 दिनों के अंदर आपके नंबर की पोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके अलावा, कॉर्पोरेट नंबर की पोर्टिंग के मामले में पोर्टिंग का समय 5 दिन है। जम्मू और कश्मीर, असम और उत्तर पूर्व क्षेत्रों में पोर्टिंग का समय 15 दिन का है। नया सिम चालू होने से पहले आपके पास एसएमएस आएगा जिसमें पोर्टिंग की तारीख और समय के बारे में जानकारी मिलेगी।

    4. पोर्ट हो जाने के बाद नया सिम कैसे एक्टिव करें

    • तय समय और तारीख पर जैसे ही आपके मौजूदा नंबर का नेटवर्क गायब होता है तो आप नए सिम को फोन में डालें। थोड़ी देर में नेटवर्क आ जाएगा। उसके बाद सिम कार्ड वाले पैकेट पर दिए गए नंबर पर फोन करके वेरिफिकेशन कराना होगा और फिर आपका नया सिम चालू हो जाएगा।

    5. पोर्टिंग को कैसे वापस लें?

    • यदि आपने अपने नंबर की पोर्टिंग के लिए 1900 पर मैसेज भेज दिया है और पोर्ट करने का प्लान बदल गया है तो 24 घंटे के भीतर आप पोर्टिंग के अनुरोध को वापस ले सकते है। पोर्टिंग रद्द करने के लिए आपको मैसेज में 'CANCEL' लिखकर 1900 पर भेजना होगा।

    6. मोबाइल नंबर पोर्ट करने के लिए क्या शुल्क देना होगा?

    • प्रति पोर्ट ट्रांजेक्शन चार्ज के रूप में केवल सिम कार्ड की कीमत ली जाती है जो कि 6.46 रुपये है। उसके बाद आपको एक पहला रिचार्ज करना होगा जो कि कंपनी के प्लान पर निर्भर करता है।

    नोट- पोर्ट कराने के बाद आपके मौजूदा नंबर की सभी सेवाएं, बैलेंस आदि खत्म हो जाएंगी।

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