टैरिफ ऑफर में नहीं होगा खेल, दूरसंचार कंपनियों को देनी होगी पूरी जानकारी

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Wed, 27 Nov 2019 07:20 PM IST
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TRAI to review transparency of telecom tariff offers move follows consumer plaints
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    अब दूरसंचार कंपनियां टैरिफ ऑफरों के नाम पर कोई खेल नहीं कर सकेंगी। दरअसल दूरसंचार क्षेत्र के नियामक ट्राई ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए दूरसंचार कंपनियों द्वारा टैरिफ ऑफर्स के प्रकाशन में पारदर्शिता के मुद्दे परामर्श की प्रक्रिया शुरू की है। ट्राई ने टैरिफ से जुड़ी जानकारियों में पारदर्शिता की कमी पर बड़ी संक्या में उपभोक्ताओं की शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया है।

    ट्राई ने एक बयान में कहा, ‘ऐसा लगता है कि दूरसंचार कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही जानकारियों में पारदर्शिता की कमी से संबंधित प्रावधानों की व्यापक समीक्षा की जरूरत महसूस की गई है।’ ट्राई ने कहा कि इस क्रम में हर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराकर उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए एक परामर्श पत्र जारी किया गया है। सूत्रों ने कहा कि यह परामर्श पत्र टैरिफ सीमा और उससे संबंधित मुद्दों से जुड़ा नहीं है। यह ग्राहकों को होने वाली टैरिफ पेशकश पर उनके साथ होने वाले संवाद पर गौर करता है।

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    तीन साल में 41 हजार करोड़ घटा राजस्व

    दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को संसद में कहा कि मोबाइल सेवा दरों में कमी के चलते तीन साल में दूरसंचार क्षेत्र के राजस्व में लगभग 41 हजार करोड़ रुपये की कमी आई है। प्रसाद ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि दूरसंचार क्षेत्र का कुल राजस्व 2016-17 में 2.65 लाख करोड़ रुपये रहा था, जो एक साल बाद घटकर 2.46 लाख करोड़ रुपये और 2018-19 में 2.24 लाख करोड़ रुपये रह गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हाल के वर्षों में दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से दूरसंचार कंपनियों ने अपने टैरिफ में खासी कमी की है। नतीजतन सभी कंपनियों का राजस्व और समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बीते तीन साल में खासा कम हुआ है।’

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    टैरिफ में दखल नहीं देगा ट्राई

    दूरसंचार कंपनियों के आगामी दिनों में अपनी मोबाइल सेवाओं के शुल्कों में बढ़ोतरी की चर्चाओं के बीच ट्राई के अधिकतम मूल्य के निर्धारण सहित टैरिफ के मुद्दों पर दखल देने की उम्मीद कम ही है। सूत्रों ने कहा कि इस समय फ्लोर मूल्य पर दखल दिए जाने का कोई औचित्य नहीं है। कई कंपनियां पहले ही दरों में बढ़ोतरी का एलान कर चुकी हैं। उधर, ट्राई चेयरमैन ने बुधवार को वोडाफोन आइडिया के सीईओ सहित दूरसंचार कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की।

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