Perplexity: खुद के ब्राउजर पर काम कर रही है कंपनी, यूजर को टारगेटेड विज्ञापन दिखाने की तैयारी
Comet ब्राउजर भी Chromium पर आधारित होगा। वही ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म जिस पर Arc, Opera और Mozilla Firefox जैसे ब्राउजर बने हैं। ब्राउजर के जरिए डेटा इकट्ठा कर विज्ञापन दिखाने की रणनीति काफी हद तक Google Chrome के मॉडल जैसी लगती है।

विस्तार
AI कंपनी Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने हाल ही में TBPN के होस्ट्स जॉन कूगन और जॉर्डी हेज के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि कंपनी अपना खुद का एक ब्राउजर "Comet" बना रही है। श्रीनिवास ने साफ कहा कि, "हम एप के बाहर भी आपका डेटा इकट्ठा करना चाहते हैं ताकि आपको बेहतर तरीके से समझ सकें।"
Perplexity का इरादा है कि वे Comet ब्राउजर के जरिए यूजर्स के व्यवहार का ज्यादा गहरा विश्लेषण करें और फिर उस आधार पर टारगेटेड विज्ञापन दिखाएं। श्रीनिवास के अनुसार, "हम आपके बारे में ज्यादा संदर्भ इकट्ठा करके एक बेहतर यूजर प्रोफाइल बनाना चाहते हैं, और फिर अपने डिस्कवर फीड के जरिए विज्ञापन दिखा सकते हैं।" श्रीनिवास ने बताया कि ब्राउजर पहले ही लॉन्च हो जाना चाहिए था, लेकिन तकनीकी जटिलताओं के कारण इसमें देरी हो रही है। अब उम्मीद है कि मई 2025 के मध्य तक Comet ब्राउजर को रिलीज कर दिया जाएगा।
Comet ब्राउजर भी Chromium पर आधारित होगा। वही ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म जिस पर Arc, Opera और Mozilla Firefox जैसे ब्राउजर बने हैं। ब्राउजर के जरिए डेटा इकट्ठा कर विज्ञापन दिखाने की रणनीति काफी हद तक Google Chrome के मॉडल जैसी लगती है।
बता दें कि Google पर अमेरिका में मोनोपॉली ट्रायल चल रहा है। अगर कोर्ट का फैसला आता है कि Google को Chrome बेचना पड़े, तो Perplexity ने Chrome खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। Perplexity के चीफ बिजनेस ऑफिसर दिमित्री शेवलेन्को का कहना है कि वे बिना अतिरिक्त लागत के Chrome को उसके मौजूदा स्तर पर चला सकते हैं। Yahoo और OpenAI भी Chrome खरीदने की दौड़ में हैं।
- Meta: इस देश ने मार्क जकरबर्ग पर लगाया 1830 करोड़ रुपये का जुर्माना, यह है वजह
- Google Gemini: 60% भारतीयों को नहीं है एआई की जानकारी, छात्र हैं इसके दीवाने
- YouTube: यूट्यूब में भी आ गया एआई ओवरव्यू, अब वीडियो में मिलेगा सवाल का जवाब
- Reddit: रेडिट का AI ऑन्सर चैटबॉट भारत में लॉन्च, एक साल से चल रही थी टेस्टिंग