Panasonic की nanoe X टेक्नोलॉजी कोरोना को रोकने में 99.99 फीसदी है कारगर

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पैनासोनिक इंडिया ने nanoe X नाम से एक नई टेक्नॉलॉजी प्रस्तुत की है। यह एक एडवांस्ड प्योरिफिकेशन टेक्नॉलॉजी है, जो कोरोना वायरस समेत अन्य बैक्यीरिया और वायरस को 99.99 फीसदी तक रोकने में सक्षम है। यह टेक्नॉलॉजी पैनासोनिक कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित की गई है और इसे फ्रांस, टैक्सेल स्थित ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च ऑर्गेनाईजेशन से मान्यता मिली है। nanoe X टेक्नॉलॉजी जल्द ही पैनासोनिक के एयरकंडीशनर्स में उपलब्ध होगी।
nanoe X टेक्नॉलॉजी को प्रकृति का डिटरजेंट भी कहते हैं। यह नैनो आकार के हाईड्रॉक्सिल रेडिकल्स (इन्हें ओएच रेडिकल्स भी कहते हैं) का उत्पादन कर हवा में खुशबू फैलाती है। ये एलर्जन, बैक्टीरिया, वायरस, मोल्ड, बदबू और कुछ खतरनाक पदार्थों जैसे प्रदूषक तत्वों को बढ़ने से रोकते हैं।
यह टेक्नॉलॉजी पैथोजेनिक माईक्रोऑर्गेनिज्मस से जुड़े जोखिमों को संबोधित करती है और दुनिया के लोगों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण का निर्माण करती है। दुनिया में फैली मौजूदा महामारी का कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) नए तरह का वायरस है और टैक्सेल की टेस्टिंग से इस बात की पुष्टि हो गई है कि nanoe X, SARS-CoV-2 को बढ़ने से रोकती है।
अपनी नई टेक्नॉलॉजी को लेकर मनीष शर्मा, प्रेसिडेंट और सीईओ, पैनासोनिक इंडिया और साउथ एशिया ने कहा, 'पैनासोनिक सालों से उन्नत टेक्नॉलॉजी का विकास कर रहा है ताकि दुनिया में हमारे उपभोक्ताओं को सर्वश्रेष्ठ टेक्नॉलॉजी मिले। हमारी nanoe X टेक्नॉलॉजी प्रभावशाली उत्पाद बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करती है, खासकर तब, जब दुनिया का हर देश कोविड-19 के संकट का सामना कर रहा है। आने वाले समय में यह टेक्नॉलॉजी हमारे एयर कंडीशनर्स में लॉन्च की जाएगी और उपभोक्ताओं का बैक्टीरिया एवं वायरस से बचाव करेगी।'
nanoe X की टेस्टिंग कोरोना वायरस युक्त एक बंद वातावरण में nanoe X के एक्सपोज़र के साथ और उसके बिना की गई। परिणामों में इस बात की पुष्टि हुई कि 45लीटर के बंद टेस्ट बॉक्स में तली से 15 सेंटीमीटर दूर स्थापित nanoe X डिवाईस के एक्सपोजर से कोरोना वायरस की गतिविधि दो घंटों में 99.99 प्रतिशत तक कम हुई।
बता दें कि पैनासोनिक इस टेक्नॉलॉजी पर शोध पिछले 20 साल, यानी 1997 से कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में इसकी प्रभावशीलता की पुष्टि हो चुकी है। यह पैथोजेनिक माईक्रोऑर्गेनिज्म (बैक्टीरिया, फंगाई एवं वायरस) और एलर्जन को कम करती है और पीएम2.5 कंपोनेंट्स को खत्म करती है, जिनका मानव शरीर पर बुरा असर पड़ता है।
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