AI Editing Tool: क्या है Nano Banana 2, जिसने इंटरनेट पर मचा दिया तहलका?

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टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Sun, 23 Nov 2025 09:58 PM IST
सार

Google DeepMind:

गूगल का नया AI टूल नैनो बनाना 2 लॉन्च हो गया है। यह 4K इमेज, साफ टेक्स्ट और रियल-टाइम डेटा के साथ प्रोफेशनल फोटो बनाता है। जानिए इसके बारे में और।

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Nano Banana 2  Google's new AI image tool taking internet storm.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepic

    विस्तार

    क्या है Nano Banana 2?

    गूगल डीपमांइड का नैनो बनाना 2 प्रो एक एडवांस्ड एआई इमेज जेनरेशन और एडिटिंग टूल है। यह टूल अब 2के और 4के हाई-क्वालिटी इमेट आउटपुट, लाइटिंग, फोकस, फ्रेमिंग और कलर-ग्रेडिंग जैसे स्टूडियो-कंट्रोल्स में उपलब्ध है। यह पहली बार सटीक, साफ व पढ़ने याेग्य मल्टीलिंगुअल टेक्स्ट जनरेट करने में सक्षम है। इसके जरिए आप सिर्फ फोटो नहीं, बल्कि इन्फोग्राफिक्स, पोस्टर्स, एड विजुअल्स, सोशल-मीडिया डिजाइंस, स्टेप-वाइज विजुअल्स सबकुछ बना सकते हैं।

    इंटरनेट पर क्यों छाया ट्रेंड?

    मॉडल अब Google Search से रियल-टाइम डेटा फेच कर सकता है। यानी अगर यूजर बोले कि आज मुंबई के मौसम पर एक एआई पोस्टर बनाओ। तो इमेज में अपडेट मौसम डेटा भी दिख सकता है। यह फीचर अभी Gemini एप, Google Ads, Workspace और एपीआई में रोलआउट हो रहा है।

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    Nano Banana 2 में क्या बदला?

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    • इमेज क्वालिटी बेसिक 2K–4K स्टूडियो लेवल ।
    • टेक्स्ट सपोर्ट गड़बड़, गलत स्पेलिंग साफ और मल्टीलिंगुअल।
    • एडिटिंग कंट्रोल लिमिटेड प्रोफेशनल-ग्रेड।
    • डेटा इंटीग्रेशन नहीं Google Search से रियल-टाइम जानकारी।
    • प्रो वर्कफ्लो सपोर्ट कम 14 इमेज रेफरेंस तक।

    यह नया वर्जन क्रिएटर्स, डिजाइनर्स और एड-एजेंसियों के लिए कहीं ज्यादा प्रोफेशनल और पावरफुल मानी जा रही है।

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    प्राइवेसी और फेक कंटेंट खतरे में

    इस टेक्नोलॉजी के साथ सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इससे डीपफेक और फेक न्यूज और तेजी से नहीं बढ़ेगी। क्योंकि Nano Banana 2 इतनी रियलिस्टिक इमेज बनाता है कि असली-नकली पहचानना चुनौती बन सकता है। इसके अलावा यूजर्स के अपलोड किए गए प्रॉम्ट और इमेज ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो सकते है। हालांकि गूगल ने इसे रोकने के लिए SynthID वॉटरमार्क दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ वॉटरमार्क भरोसेमंद दीवार नहीं है।

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