Google: सेल्सफोर्स साइबर हमले में गूगल का बड़ा दावा, हैकर्स के हाथ लगे 200 कंपनियों के डाटा
गूगल ने पुष्टि की है कि एक बड़े सप्लाई चेन साइबर हमले में सेल्सफोर्स पर रखे गए 200 से ज्यादा कंपनियों का डाटा हैकर्स ने चुरा लिया है। सेल्सफोर्स ने बताया कि उसके कुछ ग्राहकों का डाटा चोरी हो गया।

विस्तार
गूगल ने पुष्टि की है कि एक बड़े सप्लाई चेन साइबर हमले में सेल्सफोर्स पर रखे गए 200 से ज्यादा कंपनियों का डाटा हैकर्स ने चुरा लिया है।
क्या हुआ था?
गुरुवार को सेल्सफोर्स ने बताया कि उसके कुछ ग्राहकों का डाटा चोरी हो गया। यह डाटा गेनसाइट नाम की थर्ड-पार्टी एप के जरिए चुराया गया, जो कंपनियों को कस्टमर सपोर्ट सेवाएं देती है। गूगल के सुरक्षा विश्लेषक ऑस्टिन लार्सन ने कहा कि 200 से ज्यादा सेल्सफोर्स अकाउंट प्रभावित हो सकते हैं।
किसने ली साइबर हमले की जिम्मेदारी?
स्कैटर्ड लैप्सस$ हंटर्स नाम के हैकर ग्रुप ने टेलीग्राम पर हमले की जिम्मेदारी ली। इस ग्रुप में शाइनीहंटर्स समेत कई साइबर गैंग शामिल हैं। गूगल ने यह नहीं बताया कि कौन-कौन सी कंपनियां प्रभावित हुई हैं।
कंपनियों ने क्या कहा?
क्राउडस्ट्राइक ने कहा कि उसका डाटा सुरक्षित है। वेरीजॉन ने बताया कि उन्हें गूगल के दावों की जानकारी है, लेकिन डाटा लीक के कोई सबूत नहीं मिले। मालवेयरबाइट्स, थॉमसन रॉयटर्स और अन्य कंपनियां जांच कर रही हैं। डॉक्यू डिजाइन ने कहा कि अभी तक उनके डाटा के लीक होने के संकेत नहीं हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए उन्होंने गेनसाइट से जुड़े सभी इंटीग्रेशन बंद कर दिए हैं।
हमला कैसे हुआ?
शाइनीहंटर्स के अनुसार, उन्हें गेनसाइट तक पहुंच एक पुराने सेल्स लॉफ्ट हैक के कारण मिली। उस हमले में हैकर्स ने ग्राहकों के ड्रिफ्ट ऑथेंटिकेशन टोकन चुरा लिए थे और उसी से सेल्सफोर्स अकाउंट्स में घुसे। गेनसाइट पहले ही मान चुका है कि वह इस पुराने हमले का शिकार हुआ था।
सेल्सफोर्स और गेनसाइट का बयान
सेल्सफोर्स ने कहा कि उसके प्लेटफॉर्म में कोई कमजोरी नहीं थी। गेनसाइट ने बताया कि हमला बाहरी एप कनेक्शन से शुरू हुआ। गूगल की मैनडिएंट टीम जांच में मदद कर रही है। सुरक्षा के लिए सेल्सफोर्स ने गेनसाइट से जुड़े एप्स के एक्सेस टोकन अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और प्रभावित ग्राहकों को सूचना दे रहा है।
हैकर्स की नई धमकी
स्कैटर्ड लैप्सस$ हंटर्स ने दावा किया है कि वे अगले हफ्ते एक 'एक्सटॉर्शन वेबसाइट' यानी 'वसूली वाली साइट' लॉन्च करेंगे, जहां कंपनियों को धमकाया जाएगा। उन्होंने ऐसा कदम अक्तूबर में सेल्सफोर्स डाटा चोरी के बाद भी उठाया था।
पहले किन कंपनियों पर हमला हुआ था?
यह हैकर ग्रुप कर्मचारियों को धोखा देकर सिस्टम में घुसने के लिए सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करता है। एमजीएम रिजॉर्ट्स, कॉइनबेस, डोरडैश जैसे बड़े नामों पर पहले भी हमले हुए हैं। नवीनतम दावे के अनुसार हैकर्स के निशाने पर ये कंपनियां थीं-
- Atlassian
- Crowdstrike
- Docusign
- F5
- GitLab
- Malwarebytes
- SonicWall
- Thomson Reuters
- Verizon