Telecom: साल में 12 महीने तो 13 बार मोबाइल रिचार्ज क्यों? सरकार ने 30 दिन वाले प्लान को लेकर दिए नए निर्देश

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Tue, 24 Mar 2026 01:59 PM IST
सार

मोबाइल कंपनियों के 28 दिनों वाले रिचार्ज प्लान पर अब सरकार ने विचार शुरू कर दिया है। राज्यसभा में राघव चड्ढा द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद, केंद्र ने टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान्स को अधिक प्रमोट करने का निर्देश दिया है, ताकि यूजर्स पर साल में 13 बार रिचार्ज करने का अतिरिक्त बोझ न पड़े।

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सरकार ने कहा- 30 दिन वाले प्लान को करें प्रमोट - फोटो : AI जनरेटेड

    विस्तार

    मोबाइल रिचार्ज प्लान को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, ज्यादातर मंथली यानी मासिक प्लान 28 दिन की वैधता के साथ आते हैं, जिससे यूजर्स को साल में 12 नहीं बल्कि 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है। इस मुद्दे को आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने हाल ही में राज्यसभा में उठाया। इसके बाद केंद्र सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि वे 30 दिन वाले प्लान को ज्यादा सक्रिय तरीके से प्रमोट करें, ताकि लोगों में इसकी जानकारी बढ़े।

    संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि कंपनियों को पहले से ही 30 दिन वाले प्लान रखने के लिए कहा गया है, लेकिन अब इन्हें और ज्यादा प्रचारित करने की जरूरत है।

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    उन्होंने यह भी साफ किया कि दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) के नियमों के मुताबिक हर टेलीकॉम कंपनी के प्लान पोर्टफोलियो में कम से कम एक 30 दिन वाला प्लान होना जरूरी है। हालांकि, कंपनियों को सिर्फ 30 दिन के प्लान ही देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

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    दरअसल, ट्राई (TRAI) ने 2022 में टैरिफ ऑर्डर जारी कर सभी कंपनियों को यह निर्देश दिया था कि वे प्रीपेड वाउचर की हर कैटेगरी जैसे प्लान वाउचर, स्पेशल टैरिफ वाउचर और कॉम्बो वाउचर में कम से कम एक 30 दिन का प्लान जरूर दें। इसका मकसद 28 दिन वाले प्लान के मुकाबले उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प देना था।

    डेटा रोलओवर पर भी उठे सवाल

    राज्यसभा में बोलते हुए राघव चड्ढा ने यह भी मुद्दा उठाया कि यूजर्स द्वारा खरीदा गया डेटा रोजाना खत्म हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी प्लान में 2GB डेटा मिलता है और यूजर 1.5GB ही इस्तेमाल करता है, तो बचा हुआ 0.5GB आधी रात के बाद खत्म हो जाता है। उन्होंने मांग की कि बचा हुआ डेटा अगले दिन में ट्रांसफर होना चाहिए, ताकि यूजर्स अपने पैसे का पूरा फायदा उठा सकें।

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    28 दिन वाले प्लान खत्म करने की मांग

    चड्ढा ने यह भी सुझाव दिया कि 28 दिन वाले प्लान को पूरी तरह बंद कर दिया जाए और सभी मंथली प्लान को 30 दिन या एक महीने की वैधता के साथ लाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आखिरी रिचार्ज के बाद कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल और एसएमएस चालू रहने चाहिए और किसी नंबर को बंद करने से पहले तीन साल का ग्रेस पीरियड दिया जाना चाहिए। हालांकि मौजूदा नियमों के अनुसार, ट्राई के तहत किसी भी प्रीपेड नंबर को 90 दिन तक उपयोग न होने पर भी बंद नहीं किया जा सकता।

    TRAI कर रहा है समीक्षा

    रिपोर्ट के मुताबिक, ट्राई इस पूरे मामले पर फिर से विचार कर रहा है। टैरिफ फॉरबेयरेंस व्यवस्था के तहत टेलीकॉम कंपनियों को कीमत और सेवा शर्तें तय करने की छूट होती है, लेकिन रेगुलेटर यह सुनिश्चित करता है कि बाजार में कोई गलत फायदा न उठाया जाए और उपभोक्ताओं के साथ निष्पक्ष व्यवहार हो।

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