सरकार की चेतावनी: तेजी से बढ़ रहे हैं ई-कॉमर्स फ्रॉड, जानिए ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम से कैसे बचें

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Wed, 09 Jul 2025 04:56 PM IST
सार

सरकार के साइबर सुरक्षा एजेंसी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल CyberDost की एक पोस्ट में कहा गया है, "ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम अलर्ट! नकली साइट्स और फिशिंग डिलीवरी मैसेज तेजी से बढ़ रहे हैं। बिना सोचे-समझे किसी लिंक पर क्लिक न करें। केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स से ही खरीदारी करें।"

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Government warning E commerce frauds are increasing rapidly, know how to avoid online shopping scams
shopping scam - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग पहले से कहीं ज्यादा आसान और लोकप्रिय हो गई है, लेकिन जैसे-जैसे ऑनलाइन खरीदारों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे साइबर अपराधियों की नजर भी उन पर टिक गई है। ये स्कैमर फर्जी वेबसाइट्स बना रहे हैं, फिशिंग SMS भेज रहे हैं और खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर फोन कर रहे हैं ताकि आपकी निजी जानकारी चुराई जा सके।

    इसी खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (I4C) ने एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। इसमें ऑनलाइन खरीदारों से सतर्क रहने को कहा गया है, खासकर नकली शॉपिंग साइट्स, फर्जी डिलीवरी मैसेज और ऐसे लिंक से जो दिखने में असली लगते हैं लेकिन असल में धोखाधड़ी का जरिया होते हैं।

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    सरकार के साइबर सुरक्षा एजेंसी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल CyberDost की एक पोस्ट में कहा गया है, "ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम अलर्ट! नकली साइट्स और फिशिंग डिलीवरी मैसेज तेजी से बढ़ रहे हैं। बिना सोचे-समझे किसी लिंक पर क्लिक न करें। केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स से ही खरीदारी करें।"

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    1. फिशिंग डिलीवरी मैसेज-

    एक फर्जी SMS या ईमेल आता है जिसमें लिखा होता है कि आपका ऑर्डर होल्ड में है या पेमेंट कन्फर्मेशन की जरूरत है। साथ में एक लिंक होता है जो किसी बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का लग सकता है, लेकिन वह आपको एक फर्जी साइट पर ले जाता है जहां कार्ड या UPI डिटेल्स चोरी हो सकती हैं।

    2. नकली शॉपिंग वेबसाइट्स-

    ये वेबसाइट्स असली ई-कॉमर्स साइट्स की तरह दिखती हैं और सर्च इंजन पर भी दिखाई देती हैं। ये भारी छूट या दुर्लभ प्रोडक्ट्स की पेशकश करती हैं। लेकिन ऑर्डर करने के बाद न तो प्रोडक्ट मिलता है और न ही पैसे वापस मिलते हैं।

    3. सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन-

    Facebook जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी स्टोर्स या ऑफर्स को प्रमोट किया जा रहा है। ये विज्ञापन आपको ऐसी साइट्स पर ले जाते हैं जो आपकी संवेदनशील जानकारी मांगती हैं।

    4. पेमेंट कन्फर्मेशन स्कैम-

    फर्जी SMS में लिखा होता है कि आपका पेमेंट फेल हो गया है, कृपया वेरिफाई करें। लिंक पर क्लिक करने से आपका वित्तीय डेटा चोरी हो सकता है या फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है।

    • किसी भी लिंक पर आंख बंद करके क्लिक न करें:अनजान नंबर या ईमेल से आए मैसेज पर भरोसा न करें। यदि ऑर्डर में देरी या कन्फर्मेशन की बात हो, तो सीधे उस एप या वेबसाइट पर जाकर जांचें।
    • केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से खरीदारी करें:भरोसेमंद एप्स (जैसे Amazon, Flipkart आदि) का ही इस्तेमाल करें, जो आधिकारिक ऐप स्टोर्स से डाउनलोड किए गए हों।
    • वेबसाइट URL की जांच करें:भुगतान करने से पहले वेबसाइट के पते को ध्यान से देखें। वह "https://" से शुरू होना चाहिए और उसमें कोई गड़बड़ी न हो (जैसे “amaz0n.in” की जगह “amazon.in” होना चाहिए)।
    • OTP या CVV कभी शेयर न करें:कोई असली डिलीवरी एजेंट या कंपनी कभी आपसे OTP या कार्ड का सिक्योरिटी कोड नहीं मांगेगा।
    • सेलर और रिव्यू चेक करें:अगर कम ज्ञात प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सेलर की रेटिंग और कस्टमर रिव्यू जरूर देखें।
    • स्कैम की रिपोर्ट करें:अगर आपको लगता है कि आप स्कैम के शिकार हुए हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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