इनोवेशन: जेब में पड़े स्मार्टफोन से चार्ज होगी हाथ में पहनी हुई स्मार्टवॉच

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 22 Jun 2021 11:58 AM IST
सार

यदि आपने एक स्मार्टवॉच पहनी है तो उसे आपको समय-समय पर चार्ज करना होगा, जबकि नई तकनीक की मदद से आपको ऐसा नहीं करना पड़ेगा और ना ही आपको अलग से एक चार्जर लेकर घूमना होगा। आपकी जेब में पड़ा कोई अन्य गैजेट जैसे फोन ही वियरेबल डिवाइस को चार्ज करेगा।

विज्ञापन
Cell Phone in Your Pocket Could Charge Smartwatch On Wrist Wirelessly soon
smartphone - फोटो : iStock

    विस्तार

    आमतौर पर किसी भी गैजेट को चार्ज करने के लिए किसी पावर कनेक्टर से कनेक्ट करना पड़ता है, हालांकि अब वायरलेस चार्जिंग का भी इस्तेमाल होने लगा है लेकिन इसमें भी चार्जिंग पैड को किसी पावर सोर्स से कनेक्ट करना होता है। दुनिया अब वायरलेस चार्जिंग से भी आगे बढ़ने लगी है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सिंगापुर के कुछ रिसर्चर्स का कहना है कि उन्होंने एक नई तकनीक इजाद की है जिससे वायरलेस पावर ट्रांसमिशन के जरिए मानव शरीर को टैप करके हाथ में पहने हुए गैजेट यानी स्मार्टवॉच या बैंड को चार्ज किया जा सकता है। दावा है कि इस तकनीक में जेब में रखे फोन से पावर को ट्रांसमिट किया जाएगा जिससे हाथ में मौजूद गैजेट चार्ज होगा।

    नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग की टीम ने इस नई और अनोखी तकनीक से दुनिया को चौंका दिया है। टीम द्वारा तैयार किए गए इस सिस्टम में मानव शरीर पर लगे प्रत्येक रिसीवर और ट्रांसमीटर में एक चिप होता है, जिसका इस्तेमाल पूरे शरीर पर कवरेज बढ़ाने के लिए स्प्रिंगबोर्ड के रूप में किया जाता है। इसके बाद यूजर को ट्रांसमीटर को किसी भी एक पावर सोर्स पर रखने की जरूरत होती है। उदाहरण के तौर पर यदि आपकी जेब में पड़ा स्मार्टफोन चार्ज है तो वह हाथ में मौजूद स्मार्टवॉच या बैंड को चार्ज कर सकता है।

    विज्ञापन

    रिसर्चर्स का कहना है कि वियरेबल गैजेट को चार्ज करना एक मुश्किलभरा काम है। यदि आपने एक स्मार्टवॉच पहनी है तो उसे आपको समय-समय पर चार्ज करना होगा, जबकि नई तकनीक की मदद से आपको ऐसा नहीं करना पड़ेगा और ना ही आपको अलग से एक चार्जर लेकर घूमना होगा। आपकी जेब में पड़ा कोई अन्य गैजेट जैसे फोन ही वियरेबल डिवाइस को चार्ज करेगा।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    रिसर्चर्स के मुताबिक हम दिनभर अपने कार्यालय या घर के वातावरण में विद्युत चुम्बकीय तरंगों (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव) के संपर्क में आते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। उदाहरण के तौर पर कोई चालू लैपटॉप या इसी प्रकार के अन्य डिवाइस। नई तकनीक की मदद से इन विद्युत चुम्बकीय तरंगों का इस्तेमाल किसी अन्य गैजेट को चार्ज करने में किया जा सकेगा।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें