Bill Gates Foundation: दुनिया की सबसे बड़ी परोपकारी संस्था 'गेट्स फाउंडेशन' होगी बंद, 2045 होगा अंतिम साल
Gates Foundation Shutdown:
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने अपनी मशहूर परोपकारी संस्था गेट्स फाउंडेशन (Gates Foundation) को धीरे-धीरे बंद करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। संस्था ने 2026 के लिए रिकॉर्ड 9 अरब डॉलर का बजट तय किया है।

विस्तार
Bill Gates Foundation Closure Plan:
दुनिया की सबसे बड़ी परोपकारी संस्थाओं में शामिल बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) अब अपने अंतिम दौर की ओर बढ़ रही है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स (Bill Gates) ने फाउंडेशन को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। यह फैसला पिछले साल लिया गया था, जिसके तहत संस्था को वर्ष 2045 में पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
2026 के लिए रिकॉर्ड 9 अरब डॉलर का बजट
हालांकि, फाउंडेशन ने 2026 के लिए 9 अरब डॉलर का बजट मंजूर किया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा सालाना खर्च होगा। इस बढ़े हुए बजट का मकसद वैश्विक स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ती चुनौतियों से निपटना है। खासकर ऐसे समय में जब कई देशों में अंतरराष्ट्रीय सहायता फंड पर दबाव बढ़ रहा है।
फाउंडेशन के मुताबिक, अपने शेष कार्यकाल में गेट्स फाउंडेशन करीब 200 अरब डॉलर खर्च करेगी। आने वाले वर्षों में फोकस इस बात पर रहेगा कि अधिकतम असर डाला जाए और साथ ही फाउंडेशन को व्यवस्थित तरीके से बंद करने की तैयारी की जाए।
नौकरियों में कटौती और खर्च पर सख्ती
बढ़ते प्रोग्राम खर्च के साथ-साथ फाउंडेशन अपने ऑपरेशनल खर्च और स्टाफिंग पर भी नियंत्रण करेगा। योजना के तहत अगले पांच वर्षों में करीब 500 पदों में कटौती की जाएगी। इसका लक्ष्य सालाना ऑपरेटिंग खर्च को 1.25 अरब डॉलर यानी कुल बजट के लगभग 14 प्रतिशत तक सीमित रखना है।
फिलहाल फाउंडेशन में 2,300 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि यह कटौती अचानक छंटनी के बजाय, धीरे-धीरे रिटायरमेंट, इस्तीफों और चुनिंदा पदों को खत्म करके की जाएगी। स्टाफिंग और खर्च की हर साल समीक्षा होगी।
किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
भले ही संस्था बंद होने की राह पर हो, लेकिन इसके प्रमुख कार्यक्रम जारी रहेंगे। इनमें मातृ और शिशु स्वास्थ्य, वैक्सीन डेवलपमेंट, संक्रामक रोगों की रोकथाम और शिक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, खासकर पब्लिक सेक्टर और हेल्थ प्रोजेक्ट्स में।
फाउंडेशन अफ्रीका और भारत जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर रहा है, जहां HIV और टीबी जैसी बीमारियों से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर नेतृत्व और कामकाज को आगे बढ़ाया जा रहा है।
2045 तक का रोडमैप साफ
फाउंडेशन के नेतृत्व का कहना है कि अभी उसके पास काम करने के लिए करीब दो दशक हैं और इसी दौरान वह अपने सबसे बड़े और प्रभावी नतीजे देने की कोशिश करेगा। 2045 की तय समयसीमा के साथ, गेट्स फाउंडेशन अब तेज खर्च और स्पष्ट अंत की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
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