iPhone Hacking Alert: सरकार ने कहा- एपल ने सांसदों को भेजे गए अलर्ट के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार ने एपल से दो सवाल पूछे हैं। पहला- क्या उनकी डिवाइस सुरक्षित हैं और यदि हां, तो विपक्षी सदस्यों को अलर्ट भेजने का कारण क्या है।

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पांच महीने विपक्ष के कई नेताओं के आईफोन पर एक अलर्ट आया था जो कि राज्य प्रायोजित संभावित साइबर अटैक को लेकर था। एपल की ओर से नेताओं को भेजे गए नोटिफिकेशन में लिखा था कि सरकार उनके फोन की मॉनिटरिंग कर रही है और किसी भी वक्त उनका फोन हैक हो सकता है। अब पांच महीने बाद सरकार की ओर से फोन हैकिंग अलर्ट को लेकर कहा गया है कि एपल की ओर से अभी तक इस मामले में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार ने एपल से दो सवाल पूछे हैं। पहला- क्या उनकी डिवाइस सुरक्षित हैं और यदि हां, तो विपक्षी सदस्यों को अलर्ट भेजने का कारण क्या है।
उन्होंने कहा कि एपल कभी भी इस बात को स्वीकार नहीं करेगा कि उसकी डिवाइस में ही खामी है। एपल ही नहीं, कोई अन्य कंपनी भी इसे स्वीकार नहीं करेगा, भले ही उनकी डिवाइस में खामी क्यों ना हो। चंद्रशेखर ने कहा, "हम एक स्पष्ट सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आपका फोन असुरक्षित है? इसका जवाब पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है।"
एपल पर दबाव बना रही सरकार
बता दें कि इससे पहले वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार ने एपल को हिदायत देते हुए कहा है कि कंपनी राजनीतिक मामलों में थोड़ा संभलकर रहे और इस तरह के नोटिफिकेशन भेजने से पहले उसके राजनीतिक परिणाम के बारे में भी सोचे। वॉशिंगटन पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सरकार ने इसके लिए Apple पर दबाव भी बनाया है। सरकार की ओर से एपल से कहा गया है कि वह राजनीतिक मामलों में नरमी से पेश आए। इस रिपोर्ट पर राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि यह पूरी तरह से एक फर्जी रिपोर्ट है। उन्होंने कहा किकि वॉशिंगटन पोस्ट की यह रिपोर्ट आधारहीन और कल्पना पर आधारित है।
31 अक्तूबर को भेजा गया था अलर्ट
आपको याद दिला दें कि 31 अक्तूबर 2023 की सुबह उस वक्त अफरातफरी का माहौल बन गया जब प्रियंका चतुर्वेदी, शशि थरूर, महुआ मोइत्रा, राघव चड्ढा समेत विपक्ष के कई नेताओं के पास एपल की ओर से अलर्ट आया कि उनके फोन को हैक किया जा सकता है। तमाम नेताओं ने एक्स अकाउंट पर एपल की ओर से आए नोटिफिकेशन का स्क्रीनशॉट किया और मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। एपल की ओर से अलर्ट आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है और जासूसी का आरोप लगाया।
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