सूर्य से 100 अरब गुना बड़ा ब्लैक होल हुआ गायब, खोजने में छूटे वैज्ञानिकों के पसीने

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 12 Jan 2021 04:17 PM IST
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A missing supermassive black hole that has left astronomers baffled which supposed to be located in Abell 2261
Black Hole Missing - फोटो : अमर उजाला

    एक विशालकाय ब्लैक होल गायब हो गया है जिसका वजन सूर्य के वजन से करीब 100 अरब गुना ज्यादा है। इस ब्लैक होल को ढूंढ़ने में वैज्ञानिकों के पसीने छूट गए हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा इस गायब हुए ब्लैक होल को खोजने के लिए NASA की चंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी और हबल स्पेस टेलिस्कोप का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन अभी तक इसका कोई अता-पता नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्लैक होल अंतरिक्ष में वो जगह है जहां भौतिक विज्ञान का कोई नियम काम नहीं करता। इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि इसके खिंचाव से कुछ भी नहीं बच सकता। यहां तक कि प्रकाश भी इसमें जाने के बाद बाहर नहीं निकल सकता।

    Abell 2261 के केंद्र में होना चाहिए था ब्लैक होल

    गायब हुआ ब्लैक होल गैलेक्सी (आकाशगंगा) कल्टर Abell 2261 में होना चाहिए था लेकिन वह यहां नहीं है। गैलेक्सी कलस्टर Abell 2261 की दूरी धरती से करीब 2.7 अरब प्रकाश वर्ष है। बता दें कि एक प्रकाश वर्ष की दूरी 9 लाख करोड़ किलोमीटर होता है। प्रकाश वर्ष का इस्तेमाल तारों और आकाशगंगाओं के बीच की दूरी मापने में होता है।

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    सूर्य से 100 अरब गुना बड़ा ब्लैक होल हुआ गायब, खोजने में छूटे वैज्ञानिकों के पसीने

    प्रत्येक गैलेक्सी के केंद्र में एक विशाल ब्लैक होल होता है जिसका वजन सूर्य के मुकाबले अरबों ज्यादा होता है। हमारी गैलेक्सी यानी मिल्की वे के केंद्र में जो ब्लैक होल है उसे सैगिटेरियस A* (Sagittarius A*) कहा जाता है। यह पृथ्वी से 26,000 प्रकाश वर्ष दूर है। वैज्ञानिक Abell galaxy के केंद्र के ब्लैक होल को खोजने के लिए 1999 से लेकर 2004 के डाटा को एनालाइज कर रहे हैं लेकिन अभी तक ब्लैक होल का कोई सबूत हाथ नहीं लगा है।

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    आपस में मर्ज हो सकते हैं ब्लैक होल

    अमेरिका में मिशिगन यूनिवर्सिटी की एक टीम का कहना है कि Abell 2261 में ब्लैक होल नहीं होने के कारण इसका गैलैक्सी के सेंटर से बाहर चले जाना भी हो सकता है। नासा चंद्र ऑब्जर्वेटरी के 2018 के डाटा के मुताबिक दो छोटी आकाशगंगाओं के मिलने के कारण बड़ी गैलेक्सी बनी होगी जिस वजह से ब्लैक होल नजर नहीं आ रहा है।

    सूर्य से 100 अरब गुना बड़ा ब्लैक होल हुआ गायब, खोजने में छूटे वैज्ञानिकों के पसीने

    रीकोइलिंग ब्लैक होल

    जब दो ब्लैक होल आपस में मिलते हैं तो वे गुरुत्वाकर्षण लहरों को पैदा करते हैं जो कि प्रकाश की गति से आगे बढ़ते हैं और अपने रास्ते में आने वाली हर एक चीज को निचोड़कर उसमें खिंचाव पैदा कर सकते हैं। गुरुत्वाकर्षण तरंगों के सिद्धांत के अनुसार इस तरह के विलय के दौरान जब एक दिशा में उत्पन्न तरंगों की मात्रा दूसरी दिशा की तरंगों से अधिक होती है तो नए बड़े ब्लैक होल को आकाशगंगा के केंद्र से विपरीत दिशा में भेजा जा सकता है। इसे "रीकोइलिंग" ब्लैक होल के रूप में जाना जाता है।

    हालांकि अभी तक वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के रीकोइलिंग के लिए कोई सबूत नहीं मिले हैं। साथ ही इसका भी पता लगाना अभी बाकी है कि क्या विशालकाय ब्लैक होल आपस में मिलकर गुरुत्वाकर्षण तरंगों को छोड़ सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक केवल छोटे ब्लैक होल के आपस में मिलने की पुष्टि हुई है और यदि इस गायब हुए ब्लैक होल को लेकर मिशिगन यूनिवर्सिटी का अनुमान सच होता है तो इसे खगोल विज्ञान की एक बड़ी सफलता के रूप में देख जाएगा।

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