Google पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च करना पड़ा भारी, लगा 1.70 लाख रुपये का चूना

आप में से अधिकतर लोग बात-बात पर गूगल की मदद लेते होंगे। गूगल पर लोगों की निर्भरता बहुत ही ज्यादा हो गई है जिसका खामियाजा भी लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों की गूगल पर निर्भरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग दवा के बारे में गूगल पर सर्च कर रहे हैं, हालांकि आप भी ऐसा करते हैं तो बंद कर दीजिए, नहीं तो आपको पूरी जमापूंजी सेकेंडों में गायब हो जाएगी। आइए जानते हैं क्यों...
गूगल पर कुछ सर्च करना और सामने आए रिजल्ट पर भरोसा करना कितना महंगा साबित हो सकता है, यह मामला उसका जीता-जागता उदाहरण है। दिल्ली के संगमविहार निवासी देवीराम ने फोनपे से बिजली का बिल जमा किया। किसी वजह से बिल जमा नहीं हुआ तो सहायता के लिए उन्होंने गूगल सर्च कर फोनपे का कस्टमर केयर नंबर खोजा। इस नंबर पर बात करने से उनकी समस्या तो हल नहीं हुई, उलटे उनके दो बैंक खातों से 1.70 लाख रूपये की धोखाधड़ी हो गई। अब देवीराम पुलिस थाने और साइबर सेल के चक्कर लगा रहे हैं।
देवीराम ने अमर उजाला को बताया कि 17 अगस्त को उन्होंने अपना 1,660 रुपये का बिजली का बिल जमा किया था, लेकिन बिजली कंपनी से पूछताछ के बाद पता चला कि उनका बिल जमा नहीं हुआ है, जबकि उनके बैंक खाते से पैसे कट गए थे। दो दिन के इंतजार के बाद उन्होंने गूगल पर सर्च करके फोनपे के कस्टमर केयर को फोन किया। गूगल पर जो नंबर मिला उस पर उनकी बात नहीं हो पाई, लेकिन कुछ ही देर के बाद एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह फोनपे से बोल रहा है। उसने उनकी समस्या जल्दी ही सुलझाने और पैसे वापस उनके खाते में भेजने की बात कही।
उसने देवीराम से फोनपे अकाउंट के बारे में कुछ जानकारी मांगी और कहा कि तकनीकी समस्या के चलते उनका पैसा वापस नहीं जा पा रहा है, लेकिन अगर वे किसी अन्य कंपनी की सेवा लेते हैं तो उनका पैसा दूसरे माध्यम से भेज दिया जाएगा। उसकी बातों में आकर देवीराम ने उसे अपने गूगल पे अकाउंट की जानकारी दी और यही देवीराम की सबसे बड़ी गलती थी। फोन कटने पर देवीराम के पता चला कि उनके खाते से चार बार में 1.70 लाख रुपये गायब हो गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- बैंक/वॉलेट, बैंक, रेलवे, कुरियर, बैंक आदि की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर्स पर ही कॉल करें।
- गूगल जैसे सर्च इंजन पर सर्च करने पर पहला रिजल्ट अक्सर फर्जी होता है। ऐसे में उस नंबर की जांच आधिकारिक वेबसाइट से जरूर करें।
- अधिकतर बड़ी कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर्स टोल फ्री होते हैं और इन नंबर की शुरुआत 1800 से होती है।
- हेल्पलाइन नंबर्स पर किसी भी सूरत में आपसे बैंक खाते, पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि से संबंधित जानकारी नहीं मांगी जाती है। अगर कोई मांगता है तो फोन काट दें।भरने
- अपने मोबाइल पर आने मैसेज को ध्यानपूर्वक पढ़ें और किसी अन्य के द्वारा मांगे जाने पर मैसेज में आए ओटीपी या कोई कोड ना बताएं
- यदि हेल्पलाइन पर बात करने वाला शख्स आपको कोई लिंक भेजता है और क्लिक करने को कहता है या फिर कोई एप डाउनलोड करने को कहता है तो सतर्क हो जाएं।
- इस तरह के लिंक्स और एप के जरिए आपको बैंक अकाउंट और फोन में सेंध लग सकती है।
- हेल्पलाइन पर बात कर रहा शख्त रिमोट एक्सेस वाले एप जैसे Anydesk, Quick Support, Airdroid आदि डाउनलोड करने को कहता है तो इन्हें डाउनलोड ना करें।
- न एप के जरिए आपके फोन को दूर बैठा शख्स अपने कंट्रोल में ले सकता है।
- अपने बैंक/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/वॉलेट की जानकारी और अपने मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी/वेरिफिकेशन कोड किसी के साथ साझा ना करें।
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