Video: एआई का कारनामा देख डॉक्टर के उड़े होश! कहा- अब मैक्डॉनल्ड्स में नौकरी ढूंढनी पड़ेगी, देखें वीडियो
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल चैट करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह इंसान की बीमारियों को भी ढूंढ निकालने में भी माहिर हो गया है। एक वायरल वीडियो में एआई की रिपोर्ट पढ़ने की सटीकता देख एक डॉक्टर इतना हैरान हुआ कि उसने इसे अपनी नौकरी पर खतरा बता दिया।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) काफी तेजी से तरक्की कर रहा है और खुद को बेहतर बना रहा है। कई टेक एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री लिडर्स दावा कर चुके हैं कि एआई आने वाले समय में कई क्षेत्र में इंसानों से तेज और बेहतर तरीके से काम करेगा। ये न केवल गलतियां कम करेगा, बल्कि गड़बड़ियों को भी पलक झपकते पकड़ लेगा। वहीं, एआई को अब तेजी से मेडिकल सेक्टर में भी अपनाया जा रहा है। हाल ही में चैटजीपीटी और अमेजन ने ऐसे एआई हेल्ड मॉडल्स लॉन्च किए हैं जो आपके लिए एक फिटनेस असिस्टेंस के तौर पर काम करेंगे। ये न केवल आपको स्वस्थ रहने का तरीका बताएंगे, बल्कि आपके आपके मेडिकल रिपोर्ट को देखकर बताएंगे कि आपको कौन-सी बीमारी है और उसका सही उपचार क्या होना चाहिए।
हालांकि, कई देशों में बीमारी को पहचानने और बेहतर उपचार के लिए एआई का इस्तेमाल पहले ही शुरू हो चुका है। हाल ही में एक डॉक्टर ने एआई की मदद से मरीज के फेंफड़ों में पनप रहे निमोनिया का पता लगाया। डॉक्टर यह देखकर हैरान रह गया कि बीमारी का पता लगाने का वह हुनर जिसे सीखने में उसे 20 साल लग गए, एक एआई मॉडल ने महज कुछ सकेंड में ही बीमारी का पता लगा लिया।
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एआई ने रिपोर्ट देखकर बताई बीमारी
डॉक्टर ने कहा कि एआई ने एक एक्स-रे रिपोर्ट को देखकर साफ-साफ बता दिया कि फेंफड़ों के किस हिस्से में निमोनिया है। एआई ने यह भी बताया कि मरीज की स्थिति नाजुक है और उसे तुरंत इलाज की जरूरत है। डॉक्टर ने कहा कि अब बीमारी का पता लगाने के लिए प्रोफेशनल की जरूरत नहीं है, क्योंकि एआई ये काम बेहतर तरीके से कर रहा है। डॉक्टर ने हैरान होकर कहा कि यह काफी डरावना है और हो सकता है कि मुझे अब मैक्डॉनल्ड्स में नौकरी ढूंढनी पड़े।
मेडिकल सेक्टर में बढ़ रहा है एआई का उपयोग
चिकित्सा क्षेत्र और स्वास्थ्य में AI का उपयोग हाल ही के कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। AI एल्गोरिदम मेडिकल इमेजिंग जैसे एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन का विश्लेषण करके कैंसर, ट्यूमर और अन्य बीमारियों का शुरुआती चरणों में ही सटीक पता लगा लेते हैं। नई दवाओं को विकसित करने में लगने वाले समय और लागत को कम करने के लिए AI का उपयोग किया जा रहा है। यह दवाइयों के लिए केमिकल कंपोजिशन का तेजी से विश्लेषण करने में मदद करता है।
एआई का उपयोग जेनेटिक डेटा और मेडिकल इतिहास के आधार पर व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करने में भी किया जा रहा है। एआई-संचालित चैटबॉट्स और वर्चुअल असिस्टेंट मरीजों को उनकी बीमारी के लक्षणों को समझने और अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने में भी मदद कर रहे हैं। वहीं, स्मार्टवॉच और अन्य वियरेबल डिवाइसेस एआई के जरिए मरीज के दिल की धड़कन, नींद और ग्लूकोज लेवल पर चौबीसों घंटे नजर रखते हैं, जिससे आप अपने हेल्थ पर पूरा कंट्रोल रख सकते हैं।
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