लॉकडाउन में फिटनेस एप का सहारा, एक सप्ताह में 11.3 करोड़ घंटे बिता रहे यूजर्स

दुनिया के 200 से अधिक देशों में कोरोना वायरस जैसी महामारी फैलने के बाद लोगों का अधिकतर समय स्मार्टफोन पर व्यतीत हो रहा है। लॉकडाउन की स्थिति में सबसे पहले वीडियो कॉन्फ्रिंस एप की डाउनलोडिंग में इजाफा देखने को मिला। इसके बाद सोशल मीडिया एप्स में भारी इजाफा हुआ, वहीं जो लोग अपनी सेहत को सजग रहते हैं और लॉकडाउन की वजह से जिम नहीं जा पा रहे हैं, ऐसे लोगों ने फिटनेस और हेल्थ एप्स को अपना साथी बनाया है।
फिटनेस और हेल्थ एप्स की डाउनलोडिंग का बना नया रिकॉर्ड

लॉकडाउन की स्थिति में हेल्थ और फिटनेस एप्स की डाउनलोडिंग में 40 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है, वहीं इन एप्स पर लोग पहले के मुकाबले अधिक समय भी बिता रहे हैं। इसकी जानकारी एपएनी ने अपने ब्लॉग में दी है। एपएनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक स्तर पर फिटनेस एप की साप्ताहिक डाउनलोडिंग 59 मिलियन यानी 5.9 करोड़ पहुंच गई है, वहीं हेल्थ एंड फिटनेस एप्स पर लोग 36 मिलियन डॉलर्स यानी 272 करोड़ रुपये तक खर्च कर रहे हैं। यह आंकड़ा 22-28 मार्च तक का है। जनवरी और फरवरी के मुकाबले यह आंकड़ा क्रमशः 40 फीसदी और 10 फीसदी अधिक है। लॉकडाउन की स्थिति में लोग इन एप्स फिटनेस टिप्स की ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं और वीडियो देख रहे हैं। स्पेशल वीडियो और क्लासेज के लिए लोग पैसे दे रहे हैं।
22-28 मार्च के बीच भारत के लोगों ने खर्च किए 3,03,60,000 रुपये

एपएनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 22-28 मार्च के बीच लोगों ने फिटनेस और हेल्थ एप्स पर 113 मिलियन यानी 11.3 करोड़ घंटे बिताए हैं। कोरोना वायरस से सबसे अधिक नुकसान इटली को हुआ है और इटली में ही हेल्थ और फिटनेस की जबरदस्त मांग रही है। दिसंबर 23-29 के मुकाबले 22-28 मार्च में इटली के लोगों ने फिटनेस पर 70 फीसदी अधिक घंटे बिताए हैं। यह आंकड़ा एंड्रॉयड यूजर्स पर आधारित है। लॉकडाउन में जिन फिटनेस एप्स की मांग रही है उनमें फिटबिट, पेडोमीटर, मायफिटनेसपल, ह्वाइट न्वाइज और स्नोरलैब शामिल हैं। भारत की बात करें तो यहां फिटनेस एप्स की डाउनलोडिंग में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है, जबकि इन एप्स पर लोग फिटनेस टिप्स के लिए 60 फीसदी अधिक खर्च करने लगे हैं। भारत में हर सप्ताह लोग 0.4 मिलियन डॉलर्स यानी 3,03,60,000 रुपये खर्च करने लगे हैं।