{"_id":"57795fb54f1c1b75697f9e01","slug":"injection","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान, सरकारी अस्पतालों में नहीं हैं सांप से बचने के इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान, सरकारी अस्पतालों में नहीं हैं सांप से बचने के इंजेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानसून आने के साथ ही सर्प बिल से बाहर आ गए हैं। उपली, भूसा या फिर कच्चे घरों में वह घूम रहे हैं। इस मौसम में सांप आक्रमक हो जाते हैं। यही वजह है कि बारिश के समय सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इससे निपटने की कोई तैयारी नहीं की है।
जिला अस्पताल में सर्पदंश के उपचार का इंजेक्शन एंटीवेेनम की उपलब्धता है, मगर जिले के सीएचसी व पीएचसी पर कोई व्यवस्था नहीं है। काफी दिनों से इंजेक्शन खत्म हो गया है। इस ओर स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। डॉक्टर आरडी द्विवेदी की मानी जाए तो अगर जहरीला सांप किसी को काट लिया है और विष शरीर में फैल गया है तो उसे कम से कम 10 से 15 एंटीवेेनम इंजेक्शन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके बाद भी सीएचसी पीएचसी पर इसकी व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल के सूत्रों की मानी जाए तो इंजेक्शन कुछ ही मात्रा में हैं। इसलिए सांप काटने के मरीज आते हैं और लक्षण समझ में आ जाता है तो एक या फिर दो इंजेक्शन देने के बाद इलाहाबाद रेफर कर दिया जाता है। जबकि ऐसे मरीज को दस से बीस मीनट के अंतराल में इंजेक्शन बराबर लगना चाहिए।
मेडिकल स्टोर पर नहीं उपलब्ध है एंटीवेेनम
शहर में संचालित हो रहे मेडिकल स्टोरों पर भी सांप के विष से मरीज को बचाने वाली इंजेक्शन एंटी वेनम उपलब्ध नहीं है। सरकारी अस्पताल तो दूर प्राइवेट में भी कोई खरीदकर यह इंजेक्शन लगवाना चाहे तो मुश्किल है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं डॉक्टर---
सांप के काट लेने पर मरीज को सबसे पहले सरकारी अस्पताल लेकर जाना चाहिए। यहां जो भी सुविधा है चिकित्सक उसे देकर मरीज की जान बचाने का प्रयास करते हैं। दूसरी ओर घर दूर होने पर सांप के काटते ही तत्काल नए ब्लेड से उस स्थान पर चीरा लगा देना चाहिए जहां सांप ने डसा हो। इसके बाद ऊपर की ओर से नीचे जिस तरह सांप ने डसा है उस तरफ दाबकर ब्लड निकालना चाहिए। इससे विष बाहर आ जाता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में सर्पदंश के उपचार का इंजेक्शन एंटीवेेनम की उपलब्धता है, मगर जिले के सीएचसी व पीएचसी पर कोई व्यवस्था नहीं है। काफी दिनों से इंजेक्शन खत्म हो गया है। इस ओर स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। डॉक्टर आरडी द्विवेदी की मानी जाए तो अगर जहरीला सांप किसी को काट लिया है और विष शरीर में फैल गया है तो उसे कम से कम 10 से 15 एंटीवेेनम इंजेक्शन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके बाद भी सीएचसी पीएचसी पर इसकी व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल के सूत्रों की मानी जाए तो इंजेक्शन कुछ ही मात्रा में हैं। इसलिए सांप काटने के मरीज आते हैं और लक्षण समझ में आ जाता है तो एक या फिर दो इंजेक्शन देने के बाद इलाहाबाद रेफर कर दिया जाता है। जबकि ऐसे मरीज को दस से बीस मीनट के अंतराल में इंजेक्शन बराबर लगना चाहिए।
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर पर नहीं उपलब्ध है एंटीवेेनम
शहर में संचालित हो रहे मेडिकल स्टोरों पर भी सांप के विष से मरीज को बचाने वाली इंजेक्शन एंटी वेनम उपलब्ध नहीं है। सरकारी अस्पताल तो दूर प्राइवेट में भी कोई खरीदकर यह इंजेक्शन लगवाना चाहे तो मुश्किल है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं डॉक्टर---
सांप के काट लेने पर मरीज को सबसे पहले सरकारी अस्पताल लेकर जाना चाहिए। यहां जो भी सुविधा है चिकित्सक उसे देकर मरीज की जान बचाने का प्रयास करते हैं। दूसरी ओर घर दूर होने पर सांप के काटते ही तत्काल नए ब्लेड से उस स्थान पर चीरा लगा देना चाहिए जहां सांप ने डसा हो। इसके बाद ऊपर की ओर से नीचे जिस तरह सांप ने डसा है उस तरफ दाबकर ब्लड निकालना चाहिए। इससे विष बाहर आ जाता है।