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स्वरोजगार: सोलन में कैदियों के हाथ की बनी मट्ठी के दीवाने हुए पर्यटक
Fri, 16 Jul 2021 01:51 PM IST
अरविन्द ठाकुर
ललित कश्यप, अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
ललित कश्यप, अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 16 Jul 2021 01:51 PM IST
सार
सोलन कारागार में बंदी बेकरी वस्तुओं को तैयार कर रहे हैं। इसकी डिमांड सोलन से जिला किन्नौर तक है। इसके दाम भी बाजारों की तुलना में पांच से दस प्रतिशत कम हैं।
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सोलन में कालका-शिमला एनएच पर ग्राहकों को चाय-मट्ठी और मैगी परोसते कैदी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पर्यटन सीजन में कालका-शिमला एनएच पर सैलानी कैदियों के हाथ से बनी मट्ठी के दीवाने हो रहे हैं। पुलिस लाइन सोलन के समीप जिला कारागार ने मुक्त कारागार योजना के तहत हिमकारा स्टोर खोला है। कैदियों के व्यवहार में सुधार लाने के बाद जेल अधिकारियों की ओर से उन्हें रोजगार भी दिया जा रहा है। एनएच किनारे खोले हिमकारा स्टोर में बंदी जेल के अंदर तैयार होने वाले बेकरी उत्पाद बेच रहे हैं। चाय-मट्ठी समेत मैगी बनाकर भी पर्यटकों समेत अन्य लोगों को परोस रहे हैं।
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प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के व्यवहार में सुधार लाकर उन्हें रोजगार से जोड़ने की कवायद रंग ला रही है। जेल में प्रशिक्षण लेने के बाद कैदी अब रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं बनाकर लाखों कमा रहे हैं। इन वस्तुओं को जेलों में आदान-प्रदान के अतिरिक्त बाजार में भी बेचा जा रहा है। सोलन कारागार में बंदी बेकरी वस्तुओं को तैयार कर रहे हैं। इसकी डिमांड सोलन से जिला किन्नौर तक है। इसके दाम भी बाजारों की तुलना में पांच से दस प्रतिशत कम हैं। एनएच पर खोले गए हिमकारा स्टोर से बंदी एक दिन की दो हजार से 2500 रुपये तक कमाई कर रहे हैं। इसका 40 फीसदी कैदी को मिल रहा है।
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जेल में चल रही बेकरी
सोलन कारागार में कुल 135 बंदी हैं। इनमें पांच सजा काट रहे हैं, जबकि अन्य विचाराधीन बंदी हैं। ये सभी कारागार में कुछ न कुछ कारोबार कर रहे हैं। कुछ कैदी ओपन एयर जेल योजना के तहत कारागार के साथ एनएच पर दुकान चला रहे हैं। यहां वे अपने बनाए ब्रेड, बंद, मठ्ठियां, बिस्कुट, नमकीन बेच रहे हैं। कुछ बंदी बाजारों में उत्पाद को बेचने के लिए जाते हैं। कैदी कमीशन पर भी वस्तुओं को बेच रहे हैं। इस तरह वे जेल में बैठकर अपने घर का खर्च भी चला रहे हैं।
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कैदियों को दिया जा रहा रोजगार
सोलन कारागार के अधीक्षक भानु गुप्ता ने बताया कि महानिदेशक कारागार कैदियों को सुधारने और उन्हें रोजगार देने में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। सोलन कारागार में कैदी बेकरी वस्तुओं के साथ ऑर्गेनिक खाद भी तैयार कर रहे हैं। इसे बाजारों में भी मांग के हिसाब से बेचा जा रहा है। एनएच पर भी कैदियों के लिए हिमकारा स्टोर खोला गया है। इसमें सजा काट रहे कैदी कमाई कर रहे हैं।