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Shimla News: पुलिस भर्ती का प्रशिक्षण प्राप्त कर घर लौटे युवा
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पुलिस बटालियन जुन्गा में दी ट्रेनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। प्रथम सशस्त्र पुलिस बटालियन जुन्गा में युवाओं को पुलिस भर्ती की तैयारी करवाने के लिए एक माह से चल रहे निःशुल्क कोचिंग एवं शारीरिक प्रशिक्षण शिविर का वीरवार को समापन हुआ।
शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे 468 प्रशिक्षुओं जिनमें 310 लड़के और 158 लड़कियां शामिल थीं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रथम एचपीएपी बटालियन के कमांडेंट भूपिंदर सिंह नेगी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले प्रतिभागियों को पुलिस भर्ती की बेहतर तैयारी के लिए निःशुल्क मंच उपलब्ध करवाना था। उन्होंने बताया कि एक माह तक चले शिविर में प्रशिक्षुओं को सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग, हिंदी और अंग्रेजी विषयों की इनडोर कोचिंग दी गई।
वहीं आउटडोर प्रशिक्षण के दौरान दौड़, शारीरिक दक्षता, पुलिस भर्ती के निर्धारित शारीरिक मानकों और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।आईजीएमसी कैंसर अस्पताल में निःशुल्क लंगर संचालित करने वाले बॉबी का भी इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा। समादेशक ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रशिक्षु को चोट लगने अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्या आने पर निःशुल्क चिकित्सा जांच और प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। प्रथम सशस्त्र पुलिस बटालियन जुन्गा में युवाओं को पुलिस भर्ती की तैयारी करवाने के लिए एक माह से चल रहे निःशुल्क कोचिंग एवं शारीरिक प्रशिक्षण शिविर का वीरवार को समापन हुआ।
शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे 468 प्रशिक्षुओं जिनमें 310 लड़के और 158 लड़कियां शामिल थीं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रथम एचपीएपी बटालियन के कमांडेंट भूपिंदर सिंह नेगी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले प्रतिभागियों को पुलिस भर्ती की बेहतर तैयारी के लिए निःशुल्क मंच उपलब्ध करवाना था। उन्होंने बताया कि एक माह तक चले शिविर में प्रशिक्षुओं को सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग, हिंदी और अंग्रेजी विषयों की इनडोर कोचिंग दी गई।
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वहीं आउटडोर प्रशिक्षण के दौरान दौड़, शारीरिक दक्षता, पुलिस भर्ती के निर्धारित शारीरिक मानकों और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।आईजीएमसी कैंसर अस्पताल में निःशुल्क लंगर संचालित करने वाले बॉबी का भी इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा। समादेशक ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान किसी प्रशिक्षु को चोट लगने अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्या आने पर निःशुल्क चिकित्सा जांच और प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई।
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