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Shimla News: युवाओं ने दिया प्रकृति संरक्षण और टूरिज्म गाइड का प्रशिक्षण
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युवाओं को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
सीपीएलसी-साइंस म्यूजियम शोघी में दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्ट) शिमला की ओर से आयोजित दो माह के हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत 20 युवाओं को प्रकृति संरक्षण और इको टूरिज्म गाइड का प्रशिक्षण दिया गया। युवाओं को यह प्रशिक्षण सीपीएलसी-साइंस म्यूजियम शोघी में दिया।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को जैव विविधता के महत्व, वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग एवं प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक कौशल को विकसित करना था। ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को पर्यावरण से संबंधित कौशल प्रदान कर हरित रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देना है।
समापन समारोह में संयुक्त सदस्य सचिव-सह-समन्वयक, ईईईएसपी डॉ. सुरेश सी. अत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर उमेश पठानिया, एसटीओ, डॉ. शशि धर, वैज्ञानिक अधिकारी, डॉ. ऋत्विक चौहान, सूचना अधिकारी और जया प्रिया भी मौजूद रहीं।
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सीपीएलसी-साइंस म्यूजियम शोघी में दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्ट) शिमला की ओर से आयोजित दो माह के हरित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत 20 युवाओं को प्रकृति संरक्षण और इको टूरिज्म गाइड का प्रशिक्षण दिया गया। युवाओं को यह प्रशिक्षण सीपीएलसी-साइंस म्यूजियम शोघी में दिया।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को जैव विविधता के महत्व, वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग एवं प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक कौशल को विकसित करना था। ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को पर्यावरण से संबंधित कौशल प्रदान कर हरित रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देना है।
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समापन समारोह में संयुक्त सदस्य सचिव-सह-समन्वयक, ईईईएसपी डॉ. सुरेश सी. अत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर उमेश पठानिया, एसटीओ, डॉ. शशि धर, वैज्ञानिक अधिकारी, डॉ. ऋत्विक चौहान, सूचना अधिकारी और जया प्रिया भी मौजूद रहीं।
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