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World Tourism Day: हिमाचल के इस राजा की तलवारें खा रही जंग, संदेशों को चाट रही दीमक
Tue, 27 Sep 2022 12:01 PM IST
अरविन्द ठाकुर
विपिन काला, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 27 Sep 2022 12:01 PM IST
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संग्रहालय में पड़ीं दशकों पुरानी वस्तुएं।
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अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में जुन्गा के राजा हितेंद्र सेन बहादुर की तलवारें जंक खा रही हैं और राजा के लिखे संदेशों को दीमक चाट रही है। 18 ठकुराइयों की क्योंथल रियासत की ऐतिहासिक धरोहर पुराना महल वर्षों से खंडहर बना हुआ है। यहां संग्रहालय बनाकर राजमहल की दशकों पुरानी वस्तुएं नहीं सहेजी जा सकी हैं। शिमला के जुन्गा में नया महल भले ही बना हुआ है, लेकिन ऐतिहासिक वस्तुएं कमरों में स्टोर बनाकर अस्त-व्यस्त रखी गई हैं। पुराना महल मिट्टी, पत्थर और लकड़ी से बनाया गया है। जुन्गा का नाम जुन्गा देवता के नाम से पड़ा है।
जुन्गा आज तक पर्यटक स्थल स्थल के रूप में विकसित नहीं हो पाया है। यहां एयरो स्पोर्ट्स, ट्रैकिंग और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार और विभाग के पास पर्यटन विस्तार के प्रोजेक्ट भेजे गए, लेकिन इन्हें सरकारी फाइलों में दफन कर दिया गया। शिमला के समीप जुन्गा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता तो शहर में पर्यटकों की भीड़-भाड़ को कम किया जा सकता था।
जुन्गा में है तारादेवी का पुराना मंदिर
जुन्गा में राजपरिवार की कुलदेवी तारादेवी का पुराना मंदिर है। स्थानीय लोगों के मुताबिक राजा ने जब नया महल बनाया था तो देवी ने स्वप्न में आकर राजा से कहा था कि नया महल बनने से मंदिर की तरफ पीठ कर दी गई है। इसके बाद राजा ने देवी की प्रतिमा की स्थापना तारादेवी की पहाड़ी पर की। यहां आज भी देवी का भव्य मंदिर है।
शिमला से 18 किलोमीटर दूर जुन्गा क्षेत्र के आसपास ट्रैकिंग और साहसिक पर्यटन खासकर पैराग्लाडिंग की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन विभाग ने अभी तक इस दिशा में कोई खास पहल नहीं की है। वर्तमान राजा खुश विक्रम सेन बहादुर कहते हैं कि क्योंथल रियासत के पुराने महल को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित संग्रहालय बनाया जाए।
जुन्गा के पर्यटन का दोहर कर लोगों को मिलेगा रोजगार
जुन्गा में पिछले डेढ़ साल से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े निवेशक अरुण रावत कहते हैं कि जुन्गा में पर्यटकों को मूलभूत सुविधा दिए बिना पर्यटन विस्तार असंभव है। सरकार और पर्यटन विभाग को पर्यटन विकास के प्रोजेक्ट शुरू कर नया पर्यटक स्थल विकसित करना होगा। इससे शिमला के पर्यटकों की भीड़ को कम किया जा सकेगा।
डीसी ने रास्ते को 15 लाख दिए
जुन्गा पंचायत प्रधान बंसी लाल कश्यप कहते हैं कि पैराग्लाइडिंग वाले क्षेत्र तक उपायुक्त शिमला ने 15 लाख रास्ते के लिए दिए हैं। पुराने महल में संग्रहालय बनाने के साथ पर्यटन विस्तार होगा तो इसे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर ज्यादा मिलेंगे।