World Cancer Day 2026: हिमाचल प्रदेश में हर साल बढ़ रहे हैं कैंसर के दस हजार मरीज, बचने के लिए करें ये उपाय
कैंसर दुनियाभर के लिए मौजूदा समय में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बना हुआ है। वहीं, हिमाचल की बात करें तो हर साल औसतन दस हजार से अधिक नए कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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कैंसर जैसे जानलेवा रोग से बचने के लिए एहतियात के साथ तीस तरीके अपनाने से इसे 40 फीसदी कम किया जा सकता है। हिमाचल में हर साल औसतन दस हजार से अधिक नए कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी के विश्लेषण में एक उम्मीद जगी है। इसके अनुसार एहतियात और कैंसर से बचाव के तरीकों को अपनाकर इस जानलेवा रोग से बचा जा सकता है। आईजीएमसी के रेडियोथैरेपी विभाग के अध्यक्ष और रिजनल कैंसर सेंटर के प्रमुख डाॅ. मुनीश गुप्ता ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से विश्व कैंसर दिवस पर जारी की गई इस विश्लेषण स्टडी की रिपोर्ट हिमाचल के लिए भी उम्मीद की किरण है। इससे प्रदेश में बढ़ रहे कैंसर के मामलों को रोकने में मदद मिल सकती है।
अनुसंधान में 185 देशों और 36 प्रकार के कैंसर के आंकड़ों को शामिल किया गया। कैंसर के लिए तंबाकू सेवन 15 फीसदी तक जिम्मेवार है। संक्रमण 10 फीसदी और शराब का सेवन तीन फीसदी तक जिम्मेवार है।
डाॅ. मनीश गुप्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में भी कैंसर लोगों को जकड़ रहा है। हर साल प्रदेश में दस हजार से अधिक नए कैंसर के मामले आ रहे हैं। आईजीएमसी में ही तीन हजार नए कैंसर मामले आ रहे हैं। सबसे अधिक फेफड़ों के कैंसर के मामले हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। ब्रेस्ट कैंसर के 175 से 200, सर्वाइकिल कैंसर के 150 से 200 मामले आ रहे हैं।
शराब, तंबाकू का सेवन छोड़ें, रोज व्यायाम करें
कैंसर के मुख्य कारण धूम्रपान, शराब, तंबाकू का सेवन बंद करने, नैतिक जीवन और सुरक्षित यौन संबद्ध बनाने, पैक्ड फूड न खाने, घर पर बना खाना, खाने को अधिक समय तक खराब होने से बचाने के लिए उपयोग होने वाले प्रेजरवेटिव वाले फूड को न खाएं, रोजमर्रा की जिंदगी में व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लें। संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक स्वास्थ्य जांच और साफ सफाई का विशेष ख्याल रखना जरूरी है। प्लास्टिक के बर्तनों में गर्म खाद्य पदार्थ, पीने की सामग्री को न रखना भी सुरक्षित होगा। लक्षण नजर आने पर तुरंत स्वास्थ्य जांच करवाना जरूरी है। इससे समय रहते कैंसर रोग का उपचार करना संभव हो जाता है।