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बागवानों को मिलने वाला है बड़ा तोहफा, पढ़िए..

Sun, 10 Aug 2014 01:56 PM IST
Updated Sun, 10 Aug 2014 01:56 PM IST
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world bank will give 1000 crore budget to himachal

बागवानी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल प्रदेश को उम्मीद की नई किरण दिखी है। सेब, नाशपाती, मशरूम, शहद व अन्य फसलों से जुडे़ उद्योग को राज्य में बढ़ावा देने के लिए केंद्र के सहयोग से विश्व बैंक 1000 करोड़ देने को राजी हो गया है।

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प्रोजेक्ट का आकलन करने के लिए विश्व बैंक की तीन सदस्यीय टीम रविवार को शिमला पहुंच रही है। टीम 11 से 16 अगस्त तक यहां रहेगी। टीम के सदस्य सेब उत्पादक क्षेत्रों का दौरा भी करेंगे।
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केंद्र के सामने हिमाचल प्रदेश हार्टीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कारपोरेशन (एचपीएमसी) ने कुछ महीने पहले दिल्ली में एक प्रेजेंटेशन दिया था। इससे प्रभावित केंद्र सरकार ने विश्व बैंक को सिफारिश कर दी।

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दोगुना हो जाएगा उत्पादन

world bank will give 1000 crore budget to himachal

इस एक हजार करोड़ रुपये में से करीब आठ सौ करोड़ रुपये अनुदान होगा और दो सौ करोड़ रुपये कर्ज। बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि इस प्रोजेक्ट के लागू होने से अगले पांच साल के दौरान प्रदेश में सेब उत्पादन दोगुना कर दिया जाएगा।

फिलहाल प्रति हेक्टेयर 7-8 टन सेब उत्पादन होता है। न्यूजीलैंड और यूरोपीय देशों में 40-50 टन प्रति हेक्टेयर और चीन में करीब 35 टन प्रति हेक्टेयर सेब का उत्पादन होता है। न्यूजीलैंड में 400 किसान पांच लाख टन पैदा कर देते हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में करीब ढाई लाख किसान सात लाख टन पैदा करते हैं।

लगेंगे रूट स्टॉक आधारित प्लांट

world bank will give 1000 crore budget to himachal

आईपीएच मंत्री ने बताया कि इस समय प्रदेश में जो पारंपरिक तकनीक अपनाई जा रही है, उसका पौधा सात साल में सेब पैदा करता है। नए प्रोजेक्ट के तहत रूट स्टॉक आधारित तकनीक अपनाई जाएगी। इसमें दो-तीन साल में सेब पैदा हो जाता है। इसके लिए पौधे विदेश से मंगाए जाएंगे।

इसमें डिटेल प्रोजेक्ट तैयार करने की अवधि दिसंबर, 2014 रहेगी जबकि खरीद की योजना तैयार करने का काम फरवरी, 2015 तक पूरा किया जाएगा। पर्यावरण क्लीयरेंस, अन्य काम नवंबर, 2014 जबकि फरवरी 2015 तक टेंडर जारी करने की तैयारी है।

प्रदेश मंत्रिमंडल अप्रैल, 2015 तक इसे अंतिम तौर पर लागू कर देगा। प्रोजेक्ट की शुरुआत सितंबर, 2015 तक हो सकती है।

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