संवेदनशील स्थानों पर अब रात को असुरक्षित महसूस नहीं करेंगी महिलाएं, पुलिस ने लिया ये फैसला
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सुरक्षा के लिहाज से प्रदेश के संवेदनशील स्थानों पर रात को अब महिलाएं अकेला महसूस नहीं करेंगी। इन स्थानों पर पुलिस का पहरा बैठाने की तैयारी है। टैक्सी और बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों को चिन्हित किया जाएगा। ताकि, रात के समय महिलाओं में असुरक्षा की भावना न बने। तेलंगाना और उन्नाव कांड के बाद हिमाचल पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई पहल करने की तैयारी में है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर डीआईजी टीटीआर को सभी जिलों में ऐसे स्पॉट तलाशने के लिए कहा गया है, जहां पर महिलाओं की मौजूदगी तो रहती है लेकिन पुलिस बल नहीं होता। उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो रात के समय अपराध के लिहाज से संवेदनशील हो सकते हैं। इनमें खासतौर पर टैक्सी और बस स्टैंड या ऐसे स्थान शामिल हैं। जहां महिलाओं को बस आदि का इंतजार करना होता है। पुलिस की तैयारी यह है कि ऐसी जगहों का चयन किया जाए और रात के समय पुलिस का बंदोबस्त किया जा सके।
हमीरपुर पुलिस के प्रयोग पर भी नजर
एडीजी कानून व्यवस्था श्याम भगत नेगी ने बताया कि डीजीपी सीताराम मरडी ने डीआईजी टीटीआर कपिल शर्मा को ऐसे स्थान चिह्नित करने के लिए निर्देश दिए हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद उसे जिला पुलिस के साथ साझा किया जाएगा। ताकि वहां पुलिस पिकेट लगाकर उन क्षेत्रों को महिलाओं के लिहाज से सुरक्षित बनाया जा सके।
रात में अकेली महिला को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने के हमीरपुर पुलिस के प्रयोग पर भी पुलिस मुख्यालय की नजरें हैं। हमीरपुर पुलिस हमीर उत्सव के दौरान अकेली महिलाओं को रात के समय घर छोड़ने की व्यवस्था करेगी। इस प्रयोग का रिस्पांस अगर सही आया तो पुलिस मुख्यालय इसे प्रदेश में भविष्य में होने वाले अन्य आयोजनों में भी प्रयोग में ला सकता है।