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Shimla News: चेक बाउंस मामले में महिला की तीन माह कैद की सजा बरकरार

Thu, 18 Sep 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 11:59 PM IST
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Woman's three-month jail sentence in cheque bounce case upheld
सत्र न्यायाधीश की अदालत का फैसला
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दोषी को लोअर कोर्ट में आत्मसमर्पण के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सत्र न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) के दोष सिद्ध के निर्णय और सजा के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने शिमला निवासी दोषी प्रेम लता को 12 नवंबर तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।


दोषी महिला ने 4 अक्तूबर 2024 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के दोष सिद्धि और सजा के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी। अब सत्र न्यायाधीश दविंदर कुमार ने याचिका को खारिज करते हुए उसकी छह महीने के कारावास और 10 लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा को बरकरार रखा है। दरअसल 24 फरवरी 2014 को दोषी और शिकायतकर्ता आशीष मल्होत्रा के बीच में एक बिक्री समझौता किया था। दोषी ने चमियाना स्थित अपनी भूमि में शिकायतकर्ता को 52,00,000 में बेचने की इच्छा व्यक्त की थी। समझौते के समय शिकायतकर्ता ने 5 लाख की राशि का अग्रिम भुगतान किया। पक्षों के बीच यह भी सहमति हुई कि शेष 47 लाख की राशि बिक्री विलेख के पंजीकरण के समय भुगतान की जाएगी। समझौते के निष्पादन के समय शिकायतकर्ता ने दोषी को बताया था कि वह कृषक नहीं है और वह भूमि की खरीद के लिए हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के तहत राज्य सरकार से अनुमति मांगेगा। पक्षों के बीच यह सहमति भी हुई थी कि शिकायतकर्ता अपेक्षित अनुमति प्राप्त करने में विफल रहता है, तो शिकायतकर्ता को 5 लाख का अग्रिम भुगतान वापस करना होगा, उसे धारा 118 की अनुमति नहीं मिली। सितंबर 2014 में शिकायतकर्ता के पक्ष में एक चेक जारी किया लेकिन बाउंस हो गया। 29 अक्तूबर 2014 को निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष केस दायर किया था। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों के अवलोकन पर 4 अक्तूबर 2024 को आरोपी को दोषी ठहराया था। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश की पुष्टि करते हुए दोषी को उसके विरुद्ध पारित सजा को भुगतने के लिए जमानत बांड के साथ आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं। संवाद
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