लोहे के तार पर सोने की परत चढ़ा कर ले लिया गोल्ड लोन, बैंक को लगाया लाखों का चूना
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लोहे से बने नकली आभूषणों पर सोने की मोटी परत चढ़ाने के बाद तीन ग्राहकों ने एक निजी बैंक को लाखों का चूना लगा दिया। ग्राहकों ने इसकी एवज में बैंक से करीब साढ़े 17 लाख का ऋण लिया।
मामला उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने तीन लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। मामला शहर के एक निजी बैंक से जुड़ा है। शातिरों ने लोहे के तार से बने नकली आभूषणों पर करीब साढ़े 17 लाख रुपये का ऋण ले लिया।
सवाल उठ रहा है कि ग्राहकों को गोल्ड लोन देने से पहले बैंक ने सोने की जांच क्यों नहीं की। लोन देने से पहले बाकायदा बैंक की कमेटी इसकी जांच करती है। कमेटी में एक्सपर्ट शामिल होते हैं।
मामले में तीन शातिरों के नाम सामने आ रहे हैं। बैंक प्रबंधक ने पुलिस को सौंपी शिकायत में बताया कि तीन लोगों ने बैंक को गोल्ड (ज्वेलरी) देकर करीब साढ़े 17 लाख का ऋण लिया है। इनमें एक व्यक्ति ने सोने के आभूषण बैंक में देकर 5,86,904 रुपये और 4,69,133 रुपये का ऋण दो बार लिया।
बैंक को ऐसे चला ठगी का पता
एक महिला ने 3,52,584 रुपये का ऋण लिया। एक अन्य महिला ने 3,36,955 रुपये का लोन लिया था। सूत्रों की मानें तो सोने के गहनों पर हॉलमार्क की मुहर भी लगी थी।
जांच के बाद ही बैंक ने सोने के नाम पर लोन जारी किया, लेकिन बैंक के ऑडिट के दौरान सोना नकली पाया गया। बताया जा रहा है कि नकली आभूषणों पर सोने की मोटी परत चढ़ाई गई थी।
ऑडिट के दौरान बैंक की ओर से एक इंटरनल कमेटी बैठाई गई। इसमें एक्सपर्ट ने आभूषणों को नकली करार दिया। इसके बाद बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया। बैंक प्रबंधक ने सदर पुलिस थाना में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
उधर, डीएसपी बबिता राणा ने बताया कि विकास गौतम ने 5,86,904 और 4,69,133 रुपये का ऋण दो बार लिया गया। काजल चौधरी ने 3,52,584 रुपये और सुल्ताना ने 3,36,955 रुपये का बैंक से गोल्ड लोन लिया गया है। मामले की जांच चल रही है।