महिला ने फसल की खातिर बर्फीले रोहतांग दर्रे को लांघा
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आलू की फसल बीजने के लिए नेपाल मूल की महिला पंगजोम (30) ने एक दिन में 56 किलोमीटर बर्फीले दर्रे को पैदल पार कर मिसाल कायम की है। महिला के इस हौसले को हर कोई सलाम कर रहा है।
पंगजोम के साथ पति सलतमा (39) और लाहौल के जसरथ निवासी सत्यपाल, हीरालाल, नालडा के जय चंद, तलजोन के सुभाष और सुरेंद्र भी थे। इन लोगों ने लाहौल में लीज पर जमीन ली है।
यहां आजकल आलू बीजने का सीजन चल रहा है। लिहाजा, शुक्रवार रात करीब ढाई बजे ये लोग टैक्सी कर कुल्लू से राहलाफाल के लिए निकले।
रोहतांग दर्रे को पार करने वाली पहली महिला बनी
शनिवार सुबह करीब पौने पांच बजे ये लोग राहलाफाल पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद सुबह साढ़े सात बजे इन्होंने 56 किलोमीटर आगे सिस्सू के लिए पैदल सफर शुरू किया। शाम सात बजे तक ये लोग सिस्सू पहुंचे। पंगजोम इस सीजन में रोहतांग दर्रे को पार करने वाली पहली महिला हैं।
साथ सफर कर रहे सत्यपाल ने फोन पर बताया कि वे कुल्लू से राहलाफाल तक टैक्सी में आए। वहां से सिस्सू तक पैदल सफर किया। उधर, कुल्लू उड़ान समिति कार्यालय से कुछ लोगों ने आवेदन वापस लेना शुरू कर दिया है।
ये लोग भी रोहतांग दर्रा पैदल लांघने का मन बना चुके हैं। कोकसर रेस्क्यू दल के प्रभारी लुदर सिंह ने शनिवार को एक प्रवासी महिला समेत सात लोगों के रोहतांग दर्रा पैदल पार करने की पुष्टि की है।