पहले बेटे को जन्म दिया फिर दूसरी मंजिल से कूद गई
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तेरह साल बाद घर में घर में खुशियां लौटी थी पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। सरस्वती के मन में क्या दुख था कि बिना किसी से कुछ कहे उसने मौत को गले लगाने का फैसला लिया। परिजन भी समझ नही पा रहे है कि सरस्वती ने आखिर खुदकुशी क्यों की? वीरवार देर रात बिलासपुर निवासी सरस्वती (35) ने जीएमएसएच-16 की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी।
सरस्वती को पीजीआई में भर्ती करवाया गया था जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के वक्त उसका पति और 13 साल की बेटी वहीं पर थे। पति कमल किशोर ने बताया कि सरस्वती का बुधवार को बड़े आपरेशन से बेटा हुआ था। उसके बाद उनको अस्पताल के गाइनी वार्ड में शिफ्ट कर दिया था।
नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
पति का कहना है कि सरस्वती ने कभी किसी परेशानी का घर में जिक्र ही नहीं किया। मानसिक रूप से भी बिल्कुल ठीक थी। फिर अचानक क्या हुआ कि उसने ऐसा कदम उठा लिया। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। बस परिवार का कहना है कि वो कह रही थी कि उसको बच्चा नहीं चाहिए।
पीजीआई ने पोस्टमार्टम कर महिला के शव का परिजनों के हवाले कर दिया। परिजन शव लेकर बिलासपुर के लिए रवाना हो गए। महिला का पति कमल किशोर बिलासपुर में इलेक्ट्रीशियन है। मामले में पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में तो मामला खुदकुशी का ही लगता है, मामले की जांच की जा रही है।