सर्दी से आपकी सेहत को ये बड़ा खतरा
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कड़ाके की ठंड से मधुमेह तथा रक्तचाप के मरीजों को सावधान रहने की जरूरत है। ठंड से जो लोग मधुमेह तथा रक्तचाप की बीमारियों से पीड़ित हैं वह अपने कान का सही समय पर इलाज करवाएं। ऐसा न करने पर वह बहरे हो सकते हैं। बहरे होने का खतरा उन लोगों को बहुत ज्यादा है जो 65 वर्ष की आयु को पूरा कर चुके हैं।
रीजनल अस्पताल चंबा में ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश ठाकुर ने बताया कि जो लोग मधुमेह तथा रक्तचाप की बीमारी से ग्रसित हैं वह समय-समय पर अपने कान का इलाज करवाएं। हाल ही में क्षेत्रीय अस्पताल में दर्जनों मरीज कान का इलाज करवाने के लिए आए हैं जो मधुमेह तथा रक्तचाप से ग्रसित हैं।
इनमें से सबसे अधिक खतरा उन्हें है जो 65 वर्ष की आयु को पूरा कर चुके हैं। अगर ऐसे मरीज समय पर अपना इलाज नहीं करवाते हैं तो आने वाले चार पांच सालों में वह बहरे भी हो सकते हैं।
65 से अधिक आयु के लोगों को है ज्यादा खतरा
उन्होंने ऐसे मरीजों को बताया कि वह जल्द से कान में मशीन लगाएं। मशीन न लगवाने पर जब उनकी आयु 68 से 70 तक होगी तब उन पर कोई दवाई असर नहीं करेगी तथा न ही सुनाई देने वाली मशीन काम करेगी। आयु के साथ इंसान की सुनने की क्षमता कम हो जाती है लेकिन समय पर इलाज करवाने से ही फायदा होता है।
मधुमेह तथा रक्तचाप की बीमारियों से ग्रसित लोगों से उन्होंने आह्वान किया है कि वह ठंड के इन दिनों में मिर्च, मसाला, चाय, कॉफी से परहेज करें। इन चीजों का प्रयोग करने पर व्यक्ति के कान पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में लोग नहाते समय कान में रूई डालें ताकि कान में पानी न जाए। कान में पानी जाने से कान के पर्दे में खराबी आ आ सकती है।