Wildlife Himachal: 250 करोड़ से बनेगा पहला बड़ा चिड़ियाघर, पौंग डैम में दिखी लंबी पूंछ वाली साइबेरियन बत्तख
कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां स्थित पौंग डैम में इन दिनों विचरण के लिए देश-विदेश से पहुंचे प्रवासी पक्षियों में इस बत्तख को बोटिंग प्वाइंट के पास सुगनारा क्षेत्र में देखा गया है।
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हिमाचल प्रदेश में पहली बार एक लंबी पूंछ वाली साइबेरियन बत्तख देखी गई। कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां स्थित पौंग डैम में इन दिनों विचरण के लिए देश-विदेश से पहुंचे प्रवासी पक्षियों में इस बत्तख को बोटिंग प्वाइंट के पास सुगनारा क्षेत्र में देखा गया है। यह जानकारी वन्य प्राणी विभाग के प्रमुख राजीव कुमार ने शिमला में पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि झील में विचरण करने हर साल की तरह इस साल भी उत्तर, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अलावा हजारों विदेशी प्रवासी पक्षी पहुंचे हैं। विदेशी पक्षियों की संख्या पिछले वर्ष 1,10,309 से थी, जो इस वर्ष 1,17,022 हो गई है। वार्षिक पक्षी सर्वेक्षण में अन्य प्रमुख प्रजातियां यूरेशियन कूट 13,035, उत्तरी पिंटेल 15,783, कॉमन टील 6,478, कॉमन पोचार्ड 8,096, एयूरेशियन विजन 1,674, लिटिल कॉर्मोरेंट 6,565, नॉर्दर्न शोवलर 1,518, और ग्रेट कॉर्मोरेंट 2,768 हैं। इन दिनों ज्यादातर पक्षी तिब्बत, मध्य एशिया, रूस और साइबेरिया में ट्रांस हिमालयी क्षेत्र में अपने प्रजनन स्थलों से पलायन करते हैं।
राजीव कुमार ने बताया कि पौंग में पहुंचीं अन्य प्रजातियों में लैसर व्हाइट फ्रंटेड गूज, रेड क्रस्टेड पोचर्ड, फेरुजिनस पोचर्ड, पाइड एवोकेट, नॉर्दर्न लैपविंग, कॉमन केस्ट्रेल प्रमुख है। पक्षी सर्वेक्षण के दौरान एक रिंग्ड बार हेडेड गूज भी देखा गया है। मुख्य प्रजाति बार हेडेड गीज छल्ले पहनाए पक्षियों की कुल जनसंख्या 50,263 पाई गई। पक्षियों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि उत्तरी पिंटेल की थी, जो पिछले वर्ष 4,665 से बढ़कर इस वर्ष 15,783 हो गई है। बार हेडेड गीज पिछले वर्ष की गणना से 2,665 अधिक है। पिछले कुछ वर्षों से पौंग झील भी प्रवासी पक्षियों के लिए सर्दियों में विचरण करने के लिए एक आदर्श स्थल बन गया है। पौंग झील में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी वार्षिक जल पक्षी सर्वेक्षण 2023 का आयोजन 30 और 31 पद जनवरी को किया गया। पक्षी सर्वेक्षण में वन्य जीव विंग, हिमाचल प्रदेश वन विभाग, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, राज्य जैव विविधता बोर्ड, वन्य जीव संस्थान देहरादून एवं वन्य प्राणी विशेषज्ञों ने भाग लिया। पक्षी सर्वेक्षण के दौरान रिकॉर्ड किए गए पक्षियों की कुल संख्या 1,17,022 पाई गई, जिनमें 108 प्रजातियां शामिल हैं।
वन्य प्राणी विभाग के प्रमुख राजीव कुमार ने कहा कि हिमाचल में 250 करोड़ की लागत से बड़ा चिड़ियाघर बनेगा। इसके लिए विभाग ने जिला कांगड़ा के वनखंडी में 192 हेक्टेयर जमीन का चयन कर लिया है। इसके अलावा वन्य प्राणी विभाग प्रदेश में तेंदुओं की गणना और तितलियों का संरक्षण करेगा। प्रदेश में अभी तक छोटे चिड़ियाघर हैं और यह राज्य का पहला बड़ा चिड़ियाघर होगा। यहां पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए क्षेत्र को विकसित किया जाएगा, ताकि यहां पर लोग प्रदेश के वन्य जीवों और पक्षियों को करीब से देख सकें। इस चिड़ियाघर के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए एजेंसी की सेवाएं ली जा रही हैं। यहां पर सफारी भी शुरू की जाएगी। इसके लिए कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं और ये 15 फरवरी को खुलेंगी। इसके अलावा क्षेत्र में तितलियों का प्रजनन और संरक्षण के लिए केंद्र भी विकसित करेंगे। उनका दावा है कि अभी तक देश के किसी भी राज्य में तेंदुओं की गणना नहीं की गई है। हिमाचल में यह कार्य पहली बार आरंभ किया जा रहा है। इसके लिए वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे दिया है। कई स्थानों में कैमरे लगाए जा चुके हैं। इन तेंदुओं की गणना पंजों और बालों के आधार पर की जाएगी। इन तेंदुओं की गणना में डीएनए भी देखा जाएगा।