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सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया: बच्चों की वैक्सीन कोवोवैक्स के आपात इस्तेमाल को डब्ल्यूएचओ की मंजूरी
Tue, 21 Dec 2021 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 21 Dec 2021 05:00 AM IST
सार
एसआईआई अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी नोवावैक्स के लाइसेंस के तहत भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन कर रही है। कंपनी की ओर से क्लीनिकल ट्रायल बैच काफी समय से सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (सीडीएल) कसौली भेजे जा रहे थे। वर्तमान में सीडीएल से तीन बैच पास किए जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि तीन बैच में करीब 97 लाख डोज हैं, जिनका पहले निर्यात किया जाएगा।
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भारतीय सीरम संस्थान
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
भारत में बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए दूसरा वैक्सीन रूपी हथियार मिल गया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की कोवोवैक्स को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। अब भारत में टीके के प्रयोग को लेकर दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) को लिखा गया है। डीसीजीआई से हरी झंडी के बाद इस वैक्सीन को भारतीय बाजार में उतारा जाएगा।
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एसआईआई अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी नोवावैक्स के लाइसेंस के तहत भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन कर रही है। कंपनी की ओर से क्लीनिकल ट्रायल बैच काफी समय से सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी (सीडीएल) कसौली भेजे जा रहे थे। वर्तमान में सीडीएल से तीन बैच पास किए जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि तीन बैच में करीब 97 लाख डोज हैं, जिनका पहले निर्यात किया जाएगा।
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इससे पहले एसआईआई कोविशील्ड का उत्पादन कर रही है। भारत में अब तक कोविशील्ड के करीब 153.13 करोड़ डोज जारी हो चुके हैं। इसी बीच कई कंपनियों का क्लीनिकल ट्रायल भी चला हुआ है। इनके बैच लगातार सीडीएल कसौली आ रहे हैं। बच्चों के लिए कोवोवैक्स वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल बैच भी सीडीएल कसौली पहुंचे थे।
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यहां ट्रायल बैच को मंजूरी दी गई थी और 18 साल से कम आयु वर्ग पर ट्रायल शुरू हुआ था। ट्रायल पूरा होने के बाद कंपनी ने मंजूरी के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन को प्रस्ताव भेजा था। सीडीएल कसौली के उप सहायक निदेशक डॉ. सुशील साहू ने बताया कि कोवोवैक्स के बैच की जांच पूरी हो चुकी है।
एसआईआई के सीईओ ने किया ट्वीट
एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट कर डब्ल्यूएचओ से कोवोवैक्स के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है - इस मंजूरी से वैक्सीन की श्रेष्ठता और क्षमता जाहिर हुई है।
बाजू पर लगेगा टीका
यह वैक्सीन अन्य वैरिएंट पर भी असरदार मानी जा रही है। कोवोवैक्स का टीका अन्य टीकों की तरह बाजू पर लगेगा। इसमें स्पाइक नैनो पार्टिकल के साथ सोपबार्क के पौधे से लिए गए एक्सट्रैक्ट का मिश्रण होगा। इंजेक्शन लगने के साथ ही शरीर में रोग प्रतिरोधक तंत्र कोशिकाएं नैनो पार्टिकल को पहचान कर काम शुरू कर देंगी।