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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   West Asia Crisis: Anti rabies vaccine supply drops due to rising prices; department monitoring the situation.

पश्चिम एशिया संकट: दाम बढ़ने से कम हो गई एंटी रैबीज वैक्सीन की सप्लाई, विभाग कर रहा मॉनीटरिंग

Sat, 13 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh आदित्य सोफत, शिमला।
आदित्य सोफत, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 13 Jun 2026 05:00 AM IST
सार

वर्तमान में कंपनियां मांग के मुकाबले अस्पतालों को केवल 200-300 डोज ही उपलब्ध करवा पा रही हैं। ऐसे में अस्पताल अपने स्तर पर वैक्सीन का इंतजाम करने में जुटे हुए हैं। 

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West Asia Crisis: Anti rabies vaccine supply drops due to rising prices; department monitoring the situation.
वैक्सीन(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

खाड़ी देशों में युद्ध का असर अस्पतालों में उपलब्ध होने वाली जीवन रक्षक वैक्सीन पर भी पड़ना शुरू हो गया है। युद्ध के कारण ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से वैक्सीन के दामों में काफी उछाल आया है। डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) पर असरदार एंटी रैबीज वैक्सीन के दाम में भी इजाफा हो गया है, जिसका सीधा असर प्रदेश के अस्पतालों पर पड़ा है। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन की सप्लाई कम हो गई है। बताया जा रहा है कि अस्पतालों के बफर स्टॉक में गिरावट आई है।

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वर्तमान में कंपनियां मांग के मुकाबले अस्पतालों को केवल 200-300 डोज ही उपलब्ध करवा पा रही हैं। ऐसे में अस्पताल अपने स्तर पर वैक्सीन का इंतजाम करने में जुटे हुए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं आने दी जा रही है और अस्पतालों में इसकी निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। विभाग का कहना है कि आपूर्ति बनाए रखने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है, लेकिन अचानक से वैक्सीन के नए (बढ़े हुए) दाम सामने आने से स्टॉक पर असर पड़ा है। अगर आगामी दिनों में वैक्सीन की थोक मात्रा में आपूर्ति नहीं हो पाती है, तो परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, विभाग द्वारा रोजाना बफर स्टॉक की मॉनीटरिंग की जा रही है।

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स्टॉक के मुताबिक सीएमओ भी कर सकते हैं खरीद

अस्पतालों में एंटी-रैबीज वैक्सीन की खरीद को लेकर विभाग की ओर से निर्देश भी जारी किए गए हैं। स्टॉक की स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) भी अपने स्तर पर वैक्सीन की खरीद कर सकते हैं। इसके लिए अस्पतालों को अलग से बजट भी उपलब्ध करवाया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है, जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। हालांकि, विभाग की ओर से वैक्सीन सप्लाई करने वाली कंपनी के साथ बातचीत की जा चुकी है और कंपनी पुराने दाम पर ही वैक्सीन उपलब्ध कराने को तैयार हो गई है।

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गर्मियों में बढ़ जाते हैं एंटी रैबीज के मामले

विभाग के अनुसार, गर्मियों के मौसम में रैबीज के मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि, विभाग के पास हर महीने का एंटी रैबीज से संबंधित सटीक डाटा उपलब्ध नहीं है क्योंकि अस्पताल सीधे डीवीडीएमएस पोर्टल पर अपना स्टॉक अपडेट करते हैं, जिसके आधार पर अस्पतालों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाती है।

 

अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी नहीं आने दी जा रही है। जो कंपनी वैक्सीन सप्लाई करती थी, उसने दाम बढ़ा दिए थे लेकिन बातचीत के बाद कंपनी पुराने दाम पर ही बल्क सप्लाई देने को तैयार हो गई है। ऐसे में आगामी दिनों में सभी अस्पतालों में और स्टॉक पहुंच जाएगा। अस्पताल में आने वाले पीड़ितों को रोजाना वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। -डॉ. सोनम नेगी, संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, शिमला

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