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शिमला के होलीडे होम में जुटे नामी साहित्यकार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 06 May 2014 09:27 AM IST
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साहित्य की दुनिया के कई दिग्गज सोमवार को शिमला में होटल होलीडे होम में जुटे। मौका था साहित्य अकादमी के रचनापाठ कार्यक्रम का।
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दो सत्रों में यह आयोजन कहानी और कविता पाठ पर आधारित था। सुबह के सत्र में एसआर हरनोट, बद्री सिंह भाटिया, सुदर्शन वशिष्ठ और अरुण भारती ने रचनाएं पढ़ीं।
सत्र की अध्यक्षता सरस्वती सम्मान से अलंकृत कथाकार गोविंद मिश्र ने की। चार कहानियों के पाठ के बाद उन्होंने अपने उपन्यास में से एक अंश ‘ऊष्मा’ पढ़ा। मंच संचालन अकादमी के उपसचिव ब्रजेंद्र त्रिपाठी ने किया।
कथाकार एसआर हरनोट ने ‘आभी’, बद्री सिंह भाटिया ने ‘बैल बनी बेटियां’ शीर्षक से कहानी पढ़ी। सुदर्शन वशिष्ठ ने ‘देवता नहीं है’ कहानी का पाठ किया। अरुण भारती ने कहानी ‘थपकी’ का पाठ किया।
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करीब तीन घंटे चला कविता पाठ का सत्र
कविता पाठ का सत्र करीब तीन घंटे चला। ओपी सारस्वत, अनिल राकेशी, ओम भारद्वाज, कुंवर दिनेश, तुलसी रमण, केशव, मधुकर भारती, केके वैद्य और श्रीनिवास श्रीकांत ने कविताएं पढ़ीं।
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श्रीनिवास श्रीकांत ने एक गीत तरन्नुम में सुनाया। सत्र की अध्यक्षता हिंदी के तीन नामी कवियों लीलाधर जगूड़ी, राजेश जोशी और अरुण कमल ने की। हाइकू भी पढ़े गए।
अंत में अरुण कमल, राजेश जोशी और लीलाधर जगूड़ी ने भी कविताओं का पाठ किया। अकादमी के हिंदी परामर्श मंडल के संयोजक सूर्यप्रसाद दीक्षित ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इससे पहले सभी ने वरिष्ठ रचनाकार रमेशचंद्र शाह की धर्मपत्नी और मशहूर लेखिका ज्योत्सना के निधन पर मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।