फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   We will look at them with a look of complaint Se...gave applause by singing ghazals.

Shimla News: देखेंगे उन्हें हम शिकायत की नजर से...गजल गाकर बटोरी वाहवाही

Thu, 03 Apr 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
We will look at them with a look of complaint
Se...gave applause by singing ghazals.
गेयटी में लालचंद प्रार्थी की जयंती पर कार्यक्रम
विज्ञापन

प्रार्थी की गज़लें गाकर किया उन्हें याद, कविता पाठ भी हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी शिमला की ओर से वीरवार को गेयटी थियेटर में लालचंद प्रार्थी की जयंती पर राज्य स्तरीय साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

हिमाचल लोक संगीत के लिए राष्ट्रपति से पुरस्कृत कृष्ण लाल सहगल ने लालचंद प्रार्थी की गज़लें सुनाई। सहगल ने देखेंगे उन्हें हम शिकायत की नजर से और धूल की चादर लपेटे राह में बैैठा हूं मैं गज़ल गाई। दो सत्रों के इस समारोह के पहले सत्र में लेखक संगोष्ठी में जाहिद अबरोल ने प्रार्थी की उर्दू शायरी में विविध आयाम विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। पत्र प्रस्तुति के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वानों ने चर्चा-परिचर्चा में भाग लिया। इसमें पवन चौहान, डाॅ. विद्यासागर नेगी, डाॅ. प्रेमलाल गौतम, डाॅ. कुुंवर दिनेश सिंह मदन हिमाचली, डाॅ. मस्त राम, डाॅ. हेमराज कौशिक, सुदर्शन वशिष्ठ और केएल सहगल मौजूद रहे। सत्र की अध्यक्षता पूर्व प्रशासनिक अधिकारी केआर भारती और मंच संचालन डाॅ. शंकर वशिष्ट ने किया।
विज्ञापन

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अकादमी द्वारा प्रकाशित डाॅ. बंशी राम शर्मा द्वारा लिखित और प्रो. विद्या सागर नेगी द्वारा संपादित पुस्तक किन्नर लोक साहित्य और दूसरी पुस्तक पवन चौहान द्वारा संपादित हिमाचल के युवा कहानीकारों की कहानियां किसलय का विमोचन किया। कार्यक्रम में डाॅ. प्रेम लाल गौतम की लिखी पुस्तक डाॅ. लेख राम शर्मा साहित्यिक साधना और डाॅ. यादव किशोर गौतम द्वारा लिखित पुस्तक श्रीरूप पद्म भजन माला का लोकार्पण किया। दूसरे सत्र में बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता डाॅ. शंकर वशिष्ठ ने की और वशिष्ठ अतिथि के रूप में संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डाॅ. मस्त राम शर्मा उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन में शामिल लगभग 50 कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। समारोह में लालचंद प्रार्थी के बेटे योगेश प्रार्थी और वधू सुषमा प्रार्थी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। श्रीनिवास जोशी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा अकादमी की सहायक सचिव डाॅ. श्यामा वर्मा, भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक मंजीत शर्मा और उपनिदेशक कुसुम संघायक, सहायक निदेशक भाषा विभाग सुरेश राणा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article