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Kangra: पोकलेन मशीनें लगाकर चक्की खड्ड का बदला बहाव

Mon, 22 Aug 2022 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कंडवाल (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कंडवाल (कांगड़ा) Published by: शिमला ब्यूरो Updated Mon, 22 Aug 2022 11:30 PM IST
सार

प्रशासन ने पोकलेन मशीनें लगाकर पानी के बहाव की दिशा को बदलना शुरू कर दिया है। वहीं, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण किया। 

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chakki khad flow changed  by installing Poklane machines
चक्की खड्ड में पानी के बहाव को डायवर्ट करने के लिए लगाई गई पोकलेन मशीन। -संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में चक्की खड्ड पर एनएच पर बने पुल को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। सोमवार को प्रशासन ने पोकलेन मशीनें लगाकर पानी के बहाव की दिशा को बदलना शुरू कर दिया है। वहीं, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण किया।  उन्होंने बताया कि दिल्ली में बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें पुल को बचाने पर मंथन होगा। एनएच पर बने पुल को बचाने के लिए रेलवे पुल के स्लैब को तोड़ना पड़ेगा। इसके लिए अनुमति मांगी जाएगी।चक्की खड्ड में लंबे समय से अवैध खनन के कारण रेलवे पुल के पिलरों के पास गहरे गड्ढे बन गए थे। इस कारण खड्ड में शनिवार को आई बाढ़ में करीब नौ दशक पुराना पुल बह गया था। इसके बाद ऐसे ही गड्ढे एनएच पर बने पुल के पिलरों के आसपास भी देखने को मिले। इस कारण सड़क मार्ग पर बने पुल को भी खतरा पैदा हो गया था। इसी के चलते सोमवार को प्रशासन की टीम हरकत में आई और पानी के बहाव को बदला, जिससे पिलरों को नुकसान न हो।

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वहीं, सोमवार को राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण किया। इस जांच टीम में एनएचएआई से सीजीएम अमरेंद्र कुमार, जीएम वीरेंद्र संबयाल, प्रोजेक्ट निदेशक डॉ. अनिल सेन के साथ जिला पठानकोट के डीसी ने मौके का जायजा लिया। स्थिति का जायजा लेने के बाद सीजीएम अमरेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे पुल के बहने से पानी का बहाव एकतरफा होने के कारण सड़क पर बने पुल के पिलर बाहर आए हैं। पानी के बहाव को डायवर्ट करने के लिए मशीनरी लगा दी गई है। बरसात के बाद इन पिलरों को ढकने के लिए विभाग आवश्यक कदम उठाएगा। वहीं, डॉ. अनिल सेन ने बताया कि खतरे की कोई बात नहीं है। पुल के पिलर 80 फीट तक गहरे हैं। पानी के एक तरफ बहाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर ट्रैफिक रोका गया था। जैसे ही मशीनों द्वारा पानी को डायवर्ट कर दिया जाएगा, उसके बाद ट्रैफिक सुचारु हो जाएगा।

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