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जलसंकट: नहीं धुल रही बच्चों की वर्दी, स्कूल नहीं जा पा रहे छात्र

Tue, 12 Apr 2016 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 12 Apr 2016 10:56 AM IST
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 water crisis in shimla city, no water for washing school dress.
कई स्थानों पर पिछले एक हफ्ते से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। - फोटो : अमर उजाला

राजधानी शिमला में जल संकट की मार अब बच्चों की पढ़ाई पर पढ़ने लगी है। कई स्थानों पर पिछले एक हफ्ते से पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी है। बच्चों की स्कूल वर्दी तक नहीं धुल पा रही है। ऐसे में बच्चों ने मैली वर्दी के साथ स्कूल जाने से मना कर दिया है। रविवार को शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं हुई। लिहाजा स्कूल ड्रेस न धुलने के कारण बच्चे सोमवार को स्कूल नहीं जा सके।

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मल्याणा वार्ड के फ्लावरडेल के बीना निकेतन में रहने वाली बिमला देवी ने बताया कि छह दिन से उनके मकान में पानी की सप्लाई नहीं हुई है। रविवार को देर रात तक पानी का इंतजार करते रहे लेकिन सप्लाई नहीं आई। बच्चों की स्कूल ड्रेस नहीं धुली इसलिए सोमवार को बच्चे स्कूल नहीं जा सके। बिमला देवी की तीन बेटियां हैं। एक बेटी आठवीं में पढ़ती है, एक तीसरी में और एक केजी में पढ़ रही है।
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रविवार को बच्चों की ड्रेस नहीं धुल सकी, जिसकी वजह से तीनों बच्चे सोमवार को स्कूल नहीं गए। बिमला देवी ने बताया कि सोमवार को भी देर शाम तक पानी की सप्लाई नहीं हो पाई, बच्चों को मंगलवार को भी स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ सकती है। घर में खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं है। पड़ोसियों से पानी मांग कर खाना बनाना पड़ रहा है। कई जगह बच्चे छुट्टी लेकर पानी ढोने को मजबूर हैं।
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प्रेशर कम होने से नहीं आ रहा पानी
बिमला देवी का कहना है कि उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों के घरों में थोड़े बहुत पानी की सप्लाई हो रही है। लेकिन प्रेशर कम होने के कारण उनके घर में पानी नहीं आ रहा। की मैन से बार बार समस्या के समाधान का आग्रह किया जा रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

नोडल अफसरों का जवाब ‘टैंक सूख गए हैं अब हम क्या करें’
पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम के वार्ड स्तर पर तैनात नोडल अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। बिमला देवी ने बताया कि सोमवार को उन्होंने ‘अमर उजाला’ में छपी लिस्ट में अपने वार्ड के नोडल अफसर का नंबर ढूंढा और फोन लगाया। यह पूछने पर कि पानी की सप्लाई क्यों नहीं आ रही, जवाब मिला ‘जितना पानी है वह लोगों को बराबर बांटा जा रहा है, सप्लाई पूरी होने के बाद टैंक सूख गए हैं, अब हम भी क्या कर सकते हैं।’

जल बोर्ड गठन के खिलाफ नगर निगम

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शहर में जल संकट के स्थायी समाधान को लेकर विकल्प तय करने के लिए नगर निगम स्पेशल हाउस बुलाएगा।

जल संकट से निपटने के लिए राजधानी दिल्ली की तर्ज पर शिमला में ‘जल बोर्ड’ के गठन के सुझाव को नगर निगम ने ठुकरा दिया है। नगर निगम का तर्क है कि दिल्ली के लोगों को पानी उपलब्ध करवाने में दिल्ली जल बोर्ड विफल साबित हुआ है, इसलिए शिमला में ऐसा प्रयोग करना तर्क संगत नहीं है। शहर के लिए पानी की पंपिंग और आवंटन का काम प्राइवेट एजेंसी को सौंपने के सुझाव को भी नगर निगम ने सिरे से नकार दिया है।

राजधानी को जल संकट से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की मांग की है। शिमला में जल संकट से निपटने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बुलाई गई बैठक में संबंधित महकमों ने कई उपाय सुझाए हैं। दिल्ली की तर्ज पर जल बोर्ड का गठन और पानी की पंपिंग से लेकर सप्लाई का काम प्राइवेट हाथों में सौंपना इन सुझावों में शामिल हैं।

हालांकि सरकार ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए अंतिम फैसला लेने से पहले नगर निगम और आईपीएच महकमे से इन सुझावों पर प्रतिक्रिया मांगी है। सरकार ने शहर के लिए पानी की पंपिंग और सप्लाई का काम नगर निगम या आईपीएच में से किसी एक ही एजेंसी को सौंपने का भी प्रस्ताव रखा है। मौजूदा समय में शहर के लिए जल स्रोतों से पानी की पंपिंग का काम आईपीएच के जिम्मे है और शहर में पानी के आवंटन का काम नगर निगम के पास है।

जल बोर्ड के गठन या पानी के निजीकरण के पक्ष में नहीं एमसी
नगर निगम शहर में पानी की उपलब्धता के लिए जल बोर्ड का गठन करने या फिर पानी की पंपिंग से लेकर आवंटन का काम निजी एजेंसी को सौंपने के पक्ष में नही हैं। सरकार से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर समस्या का समाधान करने की मांग की गई है। - टिकेंद्र सिंह पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम

पानी के मुद्दे पर निगम बुलाएगा स्पेशल हाउस
शहर में जल संकट के स्थायी समाधान को लेकर विकल्प तय करने के लिए नगर निगम स्पेशल हाउस बुलाएगा। एक हफ्ते के भीतर स्पेशल हाउस बुलाने की तैयारी है। हाउस में पार्षदों की राय जानने के बाद नगर निगम सरकार को अपने पक्ष से अवगत करवाएगा।

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