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हिमाचल: सहकारी सभा में 17.36 करोड़ के ऋण वितरण में अनियमितताओं की नए सिरे से होगी जांच
Mon, 24 Aug 2026 07:15 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 07:15 PM IST
सार
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी की ओर से नियम 62 के तहत उठाए गए मामले के जवाब में दी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी की ओर से नियम 62 के तहत उठाए गए मामले के जवाब में दी है।
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
सुबाथू गैर-कृषि ऋण एवं बचत सहकारी सभा में वर्ष 2009 से 2023 के बीच करीब 17.36 करोड़ रुपये के ऋण वितरण में वित्तीय अनिमियताओं के हर पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से जांच होगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी की ओर से नियम 62 के तहत उठाए गए मामले के जवाब में दी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय जांच के बाद तत्कालीन प्रबंधन समिति को भंग कर दिया गया था। मामले में आठ पूर्वप्रबंधन समिति सदस्यों और एक सचिव की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई भी पूरी कर ली है। विधायक ने आरोप लगाया कि समिति के पूर्व अध्यक्ष ने सहयोगियों के साथ मिलकर ऋण आवंटन में धांधलियां की है।
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अग्निहोत्री ने जवाब में कहा कि सभा का पंजीकरण वर्ष 1937 में हुआ था और वर्तमान में 2,134 सदस्य हैं। 30 मई 2023 को शिकायत हुई थी। इसमें शिकायतकर्ता ने प्रबंधन समिति पर ऋण स्वीकृति और वितरण में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने के आरोप लगाए गए थे। जांच में गंभीर खामियां मिलने के बाद विभाग ने तत्कालीन प्रबंधन समिति को भंग कर प्रशासकों का बोर्ड नियुक्त किया था। बाद में नई प्रबंधन समिति का गठन किया गया। उन्होंने दोषी ऋणियों के खिलाफ 13 मध्यस्थता मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें अधिकांश मामलों में निष्पादन की कार्रवाई चल रही है।
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कई ऋण असुरक्षित होने के कारण विभाग को बकाया राशि की वसूली में दिक्कतें आ रही हैं। चार ऋणियों ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत बकाया राशि चुकाने के लिए संपर्क किया है। योजना के तहत मूल राशि और उस पर अर्जित ब्याज का 50 प्रतिशत निर्धारित अवधि में जमा करने का प्रावधान है। अब तक मध्यस्थता और वसूली कार्रवाई में 18.74 करोड़ रुपये की देनदारी के मुकाबले 58.13 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सभा के हितों की रक्षा और दोषियों से राशि की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में नए सिरे से जांच होगी।
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