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Shimla News: एचपीयू में पेयजल किल्लत, छात्रावासों में गुजारा करने को मिल रहा पानी

Thu, 04 Sep 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Sep 2025 11:55 PM IST
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water crices in university
कन्या छात्रावासों की छात्राएं सार्वजनिक नलों से पानी लाकर कर रहीं गुजारा
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शिक्षक, गैर शिक्षकों की कॉलोनियों में भी एक सितंबर से नहीं हो रही पानी की आपूर्ति
एसजेपीएनएल कंपनी से कम मिल रहा पानी, आंतरिक वितरण प्रणाली में एचपीयू को करना पड़ा बदलाव
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारी बरसात के कारण जलस्रोतों में आई गाद से कम हुई पानी की सप्लाई का असर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पर भी पड़ने लगा है। छात्रावासों, विवि के शिक्षक, गैर शिक्षकों की कॉलोनियों के साथ परिसर के विभागों में भी पानी की किल्ल्त है। एक सितंबर से कम हुई सप्लाई के बाद से अब तक विवि के जल भंडारण और वितरण विंग ने उपलब्ध स्टोरेज और रोज मिल रही कम पानी की सप्लाई को देखते हुए वितरण में बदलाव किया है। छात्रावासों में मैस को नियमित रूप से पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है, वहीं छात्रावासों की छात्राएं सार्वजनिक नल से बाल्टी में पानी भरकर अपने रोजमर्रा के काम निपटा रही हैं। शिक्षक और गैर शिक्षकों की कॉलोनियों में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वीरवार को शिक्षकों की कॉलोनी में कुछ देर के लिए पानी दिया गया। वीरवार को छात्र-छात्राओं के छह छात्रावासों में कुछ समय के लिए सप्लाई जरूर दी गई, लेकिन चैरिटीन के छात्रावासों में छात्राओं के लिए सार्वजनिक नल से ही गुजारे लायक पानी उपलब्ध करवाया गया। वीरवार को विवि के भंडारण टैंक के लिए पानी की सप्लाई न आने सिर्फ छह हजार लीटर पानी टैंकर से मंगवाया गया। सप्लाई नहीं आई तो आने वाले दिनों में विवि में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है, जिससे सबसे अधिक परेशानी छात्रावासों में रहने वाले करीब 900 विद्यार्थी और कॉलोनियों में रहने वाले शिक्षकों और गैर शिक्षकों व उनके परिवारों को उठानी पड़ेगी। चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने बताया कि छात्रावासों में छात्राओं के लिए नलों से पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है, लड़कों के छात्रावासों में कम समय के लिए पानी दिया जा रहा है। सभी छात्रावासों के मेस में पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है।


एचपीयू को रहती है रोजाना तीन से पांच लाख लीटर पारी की जरूरत
विश्वविद्यालय के जल वितरण विंग से मिले आंकड़ों के अनुसार शहर को पानी सप्लाई करने वाली एसजेपीएनएल कंपनी ने एक सितंबर को 1.6 लाख लीटर, दो को 93 हजार लीटर, तीन को 1.75 हजार लीटर पानी सप्लाई किया। वीरवार को सप्लाई नहीं मिल पाई। विश्वविद्यालय को रोजाना छात्रावासों और कॉलोनियों में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई करने के लिए कम से कम तीन से पांच लाख लीटर पानी की आवश्यकता रहती है।
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