विधानसभा में कानून व्यवस्था पर हंगामा,विपक्ष ने किया वाकआउट
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हिमाचल में बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष ने शुक्रवार को सदन में खूब हंगामा किया। प्रश्नकाल शुरू होने से पहले विपक्ष ने नियम-67 के तहत नशा माफिया, मर्डर, महिलाओं पर अत्याचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा मांगी।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से एकसाथ इन मुद्दों पर चर्चा की स्वीकृति न देने से उखड़े विपक्ष ने पहले सदन में नारेबाजी की, उसके बाद नारेबाजी करते हुए विपक्ष के विधायक सदन के बाहर चले गए।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने वाकआउट से पहले शोरशराबे के बीच सदन में बताया कि भाजपा सरकार के सत्ता आने से लेकर अब तक प्रदेश में 196 महिलाओं के साथ दुराचार और 64 मर्डर हुए हैं। रात को गाड़ियों के शीशे टूट रहे हैं।
रामलाल ठाकुर और आशा कुमारी ने लगाए ये अाराेप
पुलिस को पता नहीं चल रहा कि कौन यह सब कर रहा है। गुड़िया, होशियार सिंह हेल्पलाइन सरकार की योजनाएं फेल हैं। इसके बाद विधायक रामलाल ठाकुर और आशा कुमारी ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर आरोप लगाए।
मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा, जब विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के विधायकों ने जो चर्चा मांगी है, उसे सरकार को भेज दिया है। इस पर मुकेश बोले - सरकार भी इधर ही बैठी है। यहीं सरकार से पूछ लिया जाए।
कानून व्यवस्था संभालने में सरकार विफल : मुकेश
वाकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा अध्यक्ष और सरकार के कामकाज पर नाराजगी जताई। कहा कि सदन में विस अध्यक्ष का दायित्व विपक्ष की आवाज को सुनना और पर्याप्त मौका देना होता है।
सुबह से विपक्ष ने प्रदेश की बिगड़ी कानूनी व्यवस्था के मुद्दे पर प्रश्नकाल स्थगित कर चर्चा मांगी थी। सरकार ने उनकी मांग को नहीं माना, न ही विस अध्यक्ष ने चर्चा की अनुमति दी।
छह महीने में प्रदेश में 64 हत्याएं हो चुकी हैं। 800 से ज्यादा एनडीपीएस के मामले दर्ज हुए हैं। आए दिन दुराचार, गैंगरेप, मारपीट के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार कानून व्यवस्था संभालने में विफल रही है।
ऐसे में सरकार चर्चा से बच रही है। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि विस अध्यक्ष अपने दायित्व को सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं। जिस तरह विस अध्यक्ष कार्य कर रहे हैं, वह सही नहीं है।
पहले से ही तय था विपक्ष का हंगामा करना : जयराम
इसके चलते विपक्ष को बाहर जाने की जल्दी थी।उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन चर्चा नियम के तहत होनी चाहिए। विपक्ष ने कई विषयों को एक साथ क्लब किया है।
इससे यह तो साफ है कि विपक्ष का मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं है। विपक्ष का कानून व्यवस्था पर चर्चा मांगना जनहित में कम, जबकि राजनीतिक स्वार्थ ज्यादा है।
विपक्ष के नेता के क्षेत्र से आया चिट्टा : भारद्वाज
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने गुड़िया, होशियार सिंह और शक्ति बटन योजनाएं लांच की हैं।
नशे पर अंकुश लगाने को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों से बाहरी राज्यों के 6 मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक हुई है। पंचकूला में नोडल ऑफिस खोला गया है। कहा कि विपक्ष को ट्रेनिंग की जरूरत है। हम जानते हैं कि हिमाचल में यह चिट्टा विपक्ष के नेता के क्षेत्र से ही आया है।