मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी 150 सीटें, एमसीआई की मंजूरी का इंतजार
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हिमाचल के छह मेडिकल कॉलेजों में इस बार 150 अतिरिक्त सीटें भरी जाएंगी। इसकी मंजूरी के लिए डीएमई कार्यालय से एमसीआई को प्रस्ताव भेजा गया है। एचपीयू से संबद्ध मेडिकल और डेंट कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षण लागू किया जाना है। इसके लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत सौ सीटों की संख्या 125 की जानी है।
प्रदेश के एकमात्र डेंटल कॉलेज में भी सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी डीसीआई से मांगी है। सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में सीटें बढ़ाकर आरक्षण दिया जाना है। इसके लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया से सीटें बढ़ाने की मंजूरी को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में प्रति कॉलेज 100 सीटों की संख्या 125-125 करने का प्रस्ताव है।
एमसीआई से मंजूरी मिलने का डीएमई कार्यालय को इंतजार है। मंजूरी न मिलने से नीट पास करने वालों के लिए एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया रुकी है। मंजूरी मिलते ही निदेशक चिकित्सा शिक्षा डीएमई कार्यालय प्रवेश प्रक्रिया को प्रोस्पेक्टस फाइनल करेगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों लिए प्रोस्पेक्टस में अलग से परफॉरमा जोड़ा जाना है। इसे पात्र अभ्यर्थियों को ऑनलाइन भरकर विवि की प्रवेश परीक्षा शाखा को भेजना होगा।
निदेशक चिकित्सा शिक्षा और मेडिकल व डेंटल कॉलेज के लिए बनाई गई प्रवेश एवं काउंसलिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रवि शर्मा ने माना कि केंद्र सरकार के ईडब्लूएस वर्ग को एमबीबीएस में आरक्षण लागू देने को सरकार से पहले ही आदेश मिले हैं।
आरक्षण के लिए सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव एमसीआई की मंजूरी को भेजा है। मंजूरी मिलते ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने को एचपीयू की प्रवेश परीक्षा शाखा ऑनलाइन प्रोस्पेक्टस जारी करेगी। छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने माना कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 150 तक अतिरिक्त सीटें भरने को मंजूरी मिल सकती है।