Vistadome Coach: पेनारमिक विस्ताडोम कोच में होगी एयर पावर ब्रेक, सुरक्षा बढ़ेगी, दूसरा ट्रायल भी सफल
वीरवार को शिमला से लेकर बड़ोग तक दूसरा ट्रायल भी सफल रहा है। शिमला से पेनारमिक विस्ताडोम सुबह करीब 8:30 बजे शिमला से रवाना हुई। अब पेनारमिक विस्ताडोम कोच में ब्रेक सिस्टम को अपग्रेड कर दिया गया है।
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देश में ब्रॉडगेज ट्रैक पर चलने वाली बोगियों की तरह नेरोगेज रेल लाइन में पेनारमिक विस्ताडोम कोच में एयर पावर ब्रेक सिस्टम होगा। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल लाइन पर दौड़ने वाली बोगियों में एयर पावर की बजाय वोक्यूम ब्रेक इंस्टाल है। इससे ट्रेन को भी तेज गति में भी नहीं चलाया जा सकता है। साथ ही आपात स्थिति में भी ट्रेन में ब्रेक लगाने के बाद थोड़ी दूरी के बाद जाकर रुकती है। अब पेनारमिक विस्ताडोम कोच में ब्रेक सिस्टम को अपग्रेड कर दिया गया है। अब आपात समय में ब्रेक लगाने के बाद अधिक दिक्कत भी नहीं आएगी। इसकी विश्वसनीयता भी काफी अधिक है। ब्रॉडग्रेज ट्रेनों में इसी पावर ब्रेक सिस्टम को इंस्टाल किया गया है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी कम हो जाती है।
खास बात यह भी है कि कोच को पहली बार आरसीएफ की ओर से तैयार करवाया गया है। पहले बोर्ड कालका में कोच तैयार करता था। यही नहीं नये पेनारमिक विस्ताडोम कोच में एयर स्प्रिंग भी लगाए गए हैं। इससे पहले हेवीगल स्प्रिंग बोगियों में लगाए जाते थे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बोगियों को तैयार किया गया है। वहीं, आधुनिक बोगियों और एयर पावर ब्रेक सिस्टम होने से कालका-शिमला विश्व धरोहर पर स्पीड को बढ़ाने के लिए भी आरडीएसओ ट्रायल कर रहा है।
गौरतलब है कि कालका-शिमला रेलवे ट्रैक को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसे लेकर नये कोच को रेलवे बोर्ड उतार रहा है। अब जल्द ही लोगों को लाल रंग से युक्त पेनारमिक विस्ताडोम कोच की सुविधा मिलेगी। पहले चरण में बोर्ड ने रेल कोच फैक्ट्री से सात कोच तैयार करवाए हैं। आरडीएसओ और रेल कोच फैक्ट्री की टीम टायल कर रही है। इसकी जल्द रिपोर्ट सौपी जाएगी।
ट्रायल में आपात ब्रेक सिस्टम को जांचा
वीरवार को शिमला से लेकर बड़ोग तक दूसरा ट्रायल भी सफल रहा है। शिमला से पेनारमिक विस्ताडोम सुबह करीब 8:30 बजे शिमला से रवाना हुई। इसके बाद कैथलीघाट, शोघी समेत कई स्टेशनों के बीच आपात ब्रेक सिस्टम की जांच की गई। इसके बाद ट्रेन करीब 1:00 बजे बडोग रेलवे स्टेशन पहुंची और यहां से करीब 4:00 बजे शिमला रवाना होगी। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों 28 घंटे की रफ्तार से भी ट्रायल किया जाएगा।
डिस्पले बोर्ड से होगी यात्रियों को आसानी
पेनोरमिक विस्ताडोम के एसी कोच साउंड प्रूफ हैं। पेनोरमिक विंडो में शीशे बड़े होने के साथ ही छत तक होते हैं, जिससे यात्री बाहर के नजारों का बेहतर तरीके से लुत्फ उठा सकेंगे। इसके साथ लगेज के लिए भी अलग से जगह ट्रेन में रहेगी। वहीं, दरवाजे पर ही डिस्पले बोर्ड भी लगाया गया है।
पेनारमिक विस्ताडोम कोच को आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है। आने वाले दिनों में लोगों को इसकी सुविधा मिल जाएगी। वीरवार को ट्रेन का दूसरा ट्रायल किया गया है। यह ट्रायल सफल रहा- नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्यक रेल मंडल अंबाला